ज़ाहिर ने दिसंबर 1997 में बाड़मेर के अराबा दुधावता में मिसाइलमैन से से खास मुलाकात की थी।
राइजिंग भास्कर. जयपुर
प्रवासी भारतीयों, रक्षा व पाक विस्थापितों की नागरिकता पत्रकारिता और साहित्य में विशिष्ट और उल्लेखनीय योगदान के लिए वतन फाउंडेशन की ओर से सवाई माधोपुर में आयोजित गरिमामयी समारोह में प्रख्यात वरिष्ठ पत्रकार एमआई ज़ाहिर को राष्ट्रीय डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम गौरव अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि समाजसेवी साबिर खान, विशिष्ट अतिथि नई दिल्ली की समाजसेवी इंद्रजीतकौर थीं। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हुसैन आर्मी ने बताया कि अतिथियों ने उन्हें अभिनन्दन पत्र और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। ध्यान रहे कि ज़ाहिर ने दिसंबर 1997 में बाड़मेर के अराबा दुधावता में मिसाइलमैन से से खास मुलाकात की थी।
एमआई ज़ाहिर : एक नज़र
साहित्यकार व रिपु दमनसिंह कालेज के उर्दू विभागाध्यक्ष डाॅ. शाहिद रिजवी ने बताया कि देश विदेश के सेमिनारों व मुशायरों में क़लम का जादू जगाने वाले मग़रिबी बंगाल उर्दू अकादमी के जामे-जहांनुमा और बज़्मे ग़ालिब इंटरनेशनल के फ़ख्रे ग़ज़लगोई सहित कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित बहुभाषी क़लमकार हैं जनाब एम आई ज़ाहिर। उनकी शख्सियत के कई पहलू हैं। उनके सम्मान में अली मीडिया इलाहाबाद की जानिब से ‘एक शाम एम आई ज़ाहिर के नाम’ सेमिनार इंटरनेशनल और मुशायरा, बज़्मे सादिक़ हैदराबाद की ओर से नागरिक अभिनंदन -मुशायरा और अमरोहा फाउंडेशन नई दिल्ली व बज़्मे निगारां कोलकाता की ओर से आ-लमी सतह पर जश्ने पज़ीराई व मुशायरे का आयोजन हो चुका है। वे भारतीय उप महाद्वीप और खाड़ी देशों की प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में छपते रहे हैं। मशहूर शायरा अंबरीन हसीब अंबर पर लिखा गया उनका मज़मून अदबी हलक़ों में बहुत पसंद किया गया। जदीद लबो लहजे और ताज़गी से सजी उनकी शाइरी सभी के दिलों को छू जाती है। जनाब शीन मीम हनईफ़ ने दबिस्ताने-जोधपुर के शायर एम आई ज़ाहिर को अपनी किताब खुशियां सुकून और ख़्वाब में शामिल किया है। ओमान की अज़रा अलीम, देहली के अहमद अली बर्क़ी आज़मी, इलाहाबाद के तौक़ीर ज़ैदी और चैन्नई के सय्यद सदा आमरी ने उन पर नज़्में कही हैं। आजमगढ़ की अलीज़े नजफ़, कोलकाता के ज़फ़र अली और मुज़फ्फ़र नाज़नीन और रियाज़ अहमद हैदराबाद सियासत टीवी ने उनका इंटरव्यू लिया है। ओमान की अज़रा अलीम और नई दिल्ली की चश्मा फ़ारूक़ी ने उन पर मज़मून लिखें हैं । शाहजहांपुर की निदा ए अदब पत्रिका में उनका इंटरव्यू शाया हुआ है। मशहूर शायर व पत्रकार सोहैल अहमद सिद्दीक़ी ने अपने कालम ज़बान फ़हमी में बतौरे ख़ास उनका ज़िक्र किया है। आज जहां जहां उर्दू है वहां वहां उनके क़द्रदान और चाहने वाले मौजूद हैं और यह फेहरिस्त बहुत लंबी है। उनकी बहुत सारी ख़िदमात पर हम ख़्याल टीम के साथी नुमाइंदा शायर जनाब फ़ानी जोधपुरी ने इंडिया रेडियो के लिए उनका खुसूसी ख़ूबसूरत इंटरव्यू भी लिया है।
Author: Dilip Purohit
Group Editor









