छोटू सिंह नाम भी छोटा काम और भी छोटे, जनता को पानी तक नहीं दे पाए, वोट देने की सजा भुगत रहा जैसलमेर
दिलीप कुमार पुरोहित. जैसलमेर
एक तरफ जलदाय विभाग और स्थानीय विधायक छोटू सिंह भाटी दिवाली पर अखबारों में “हर घर जल” और “विकास के नए आयाम” जैसे चमचमाते विज्ञापन लाखों रुपए खर्च कर छपवा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हकीकत ये है कि जैसलमेर की गांधी कॉलोनी में पिछले छह दिनों से पानी की सप्लाई तक नहीं हुई है।
दिवाली जैसे सबसे बड़े त्योहार पर जब हर घर में सफाई, पकवान और पूजा की तैयारियां होती हैं, वहीं गांधी कॉलोनी के लोग पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। महिलाएं सुबह से लेकर शाम तक खाली बाल्टियां लिए नलों के आसपास मंडराती हैं, मगर सप्लाई नहीं आती। बच्चों के कपड़े धुल नहीं रहे, बुजुर्गों के लिए पीने का पानी तक मयस्सर नहीं।
सवाल ये है — क्या विधायक का काम सिर्फ अखबारों में फोटो छपवाना है? या पानी जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी उनकी जिम्मेदारी में आता है?
लोगों का कहना है कि जब भी शिकायत लेकर जलदाय विभाग में जाते हैं तो जवाब मिलता है “लाइन में खराबी है… जल्द ठीक होगा”. लेकिन “जल्द” शब्द अब मज़ाक बन चुका है, क्योंकि छह दिन बीत चुके हैं और हालात जस के तस हैं।
चुनाव में वोट मांगने आते हैं तो हर दरवाजे पर दस्तक देते हैं, लेकिन जब पानी नहीं आता तो क्या MLA साहब को गांधी कॉलोनी के रास्ते नजर नहीं आते?
गांधी कॉलोनी के निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत जल आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे दिवाली के दिन ही जलदाय विभाग और MLA आवास के बाहर खाली मटके रखकर सांकेतिक विरोध करेंगे।
विज्ञापन से नहीं, पानी से विकास दिखता है — MLA छोटू सिंह भाटी को ये बात अब समझनी होगी।




