पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं में प्रसाद के साथ-साथ लेखनी भी वितरित की गई जो ज्ञान और लेखन के प्रतीक भगवान चित्रगुप्त के प्रति आस्था का प्रतीक रही।
राखी पुरोहित. जोधपुर
चित्रांश वैशाली कायस्थ समाज द्वारा वैशाली एवेन्यू स्थित मंदिर परिसर में चित्रगुप्त भगवान की जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। राजकुमार माथुर ने बताया कि इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने विधिवत कथा, पूजन और आरती कर भगवान चित्रगुप्त से समाज की उन्नति एवं एकता की कामना की।
पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं में प्रसाद के साथ-साथ लेखनी भी वितरित की गई जो ज्ञान और लेखन के प्रतीक भगवान चित्रगुप्त के प्रति आस्था का प्रतीक रही। कार्यक्रम का संचालन वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
कायस्थ समाज परिवार के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वार्षिक आयोजन का उद्देश्य समाज में नैतिकता, शिक्षा और एकता के संदेश को प्रसारित करना है। उन्होंने कहा कि भगवान चित्रगुप्त के आदर्श जीवन से हमें सत्य, न्याय और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर वैशाली चित्रांश परिवार के राजेश माथुर, राजेश्वर राज माथुर, अशोक राय चित्रांश महानगर परिवार के रुपेश माथुर, निर्मल माथुर , नवीन माथुर, प्रभात माथुर व बड़ी संख्या में कायस्थ समाज के सदस्य, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और उत्सव का वातावरण बना रहा।





