पांच साल में पांच करोड़ के काम करवा कर मूंदड़ा परिवार ने सेवा का जज्बा दिखाया, अब एमजीएच को दिया नया हड्डी वार्ड
राखी पुरोहित. जोधपुर
मूंदड़ा परिवार ने सेवा को अपने संस्कारों में ढालकर मानवता की मिसाल पेश की। सरकारी अस्पतालों में इलाज की बेहतर व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए जोधपुर मानव सेवा ट्रस्ट की पहल लगातार मिसाल बनती जा रही है। ट्रस्ट से जुड़े समाजसेवी मूंदड़ा परिवार ने पिछले पांच वर्षों में शहर के तीनों प्रमुख अस्पतालों मथुरादास माथुर अस्पताल, महात्मा गांधी अस्पताल और उम्मेद अस्पताद में 5.15 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान करते हुए मरीजों के लिए आधुनिक वार्ड और उपकरण उपलब्ध करवाए हैं। इन सभी कार्यों का एक ही उद्देश्य रहा है शहर के जरूरतमंद मरीजों को निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं सरकारी संस्थानों में ही मिल सकें।
50 लाख की लगात से महिला हड्डी वार्ड का नवीनीकरण करवाया :
सेवा की इसी शृंखला में एक और महत्वपूर्ण योगदान जुड़ा। महात्मा गांधी अस्पताल में 50 लाख रुपए की लागत से महिला हड्डी वार्ड का नवीनीकरण कर 33 बेड की नई सुविधा मरीजों के लिए शुरू की गई। नवीनीकृत वार्ड को वातानुकूलित और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। ट्रस्ट की ओर से सिर्फ निर्माण ही बल्कि, वार्डों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी ली जाती है। एमजीएच में हुए समारोह में उद्योगपति और समाजसेवी मगराज फोफलिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर लीला मूंदड़ा, गिरधर मूंदड़ा, हरीश मूंदड़ा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. फतेहसिंह भाटी, एमडीएमएच अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित, उम्मेद अस्पताल अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना सहित कई शहरवासी और ट्रस्ट सदस्य उपस्थित थे।
10 साल पहले एमजीएच में 3 मंजिला इमारत बनवाई थी :
जोधपुर मानव सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने बताया कि समाजसेवी स्व. गोमती देवी कपूरिया की स्मृति में लीला-बद्रीदास मूंदड़ा की ओर से 10 साल पहले एमजीएच में तीन मंजिला इमारत का निर्माण करवाया गया था। जिसमें एक फ्लोर की लागत लगभग 50 लाख रुपए थी। इसी तरह ट्रस्ट से जुड़े श्याम बाहेती परिवार की ओर से भी करीब 50 लाख रुपए की लागत से ऑर्थोपैडिक वार्ड के रिनोवेशन का कार्य जारी है। ओझा ने बताया कि नवंबर 2020 में मूंदड़ा परिवार ने करीब 2 करोड़ की लागत से मथुरादास माथुर अस्पताल में सीसीयू वार्ड का निर्माण करवाया था। इसके बाद दिसंबर 2024 में उन्होंने करीब 15 लाख रुपए की लागत से ऑर्थोपैडिक ऑपरेशन थिएटर में उपयोगी सी-आर्म मशीन अस्पताल प्रशासन को भेंट की। वहीं अब ढाई करोड़ रुपए की लागत से एमडीएम में दूसरा सीसीयू वार्ड तैयार किया जा रहा है, जो जल्द मरीजों की सेवा में समर्पित होगा।





