राइजिंग भास्कर. जोधपुर
समाजसेवा के क्षेत्र उल्लेखनीय कार्य करने वाले रमेश छाजेड रामसर द्वारा 86वां रक्तदान किया गया। मानव सेवा संस्थान के अध्यक्ष रमेश छाजेड रामसर ने बताया कि एक जैन साध्वी जो कि एम्स में भर्ती है। उन्हें रक्त की आवश्यकता होने पर ब्लड बैंक के कर्मचारी द्वारा फोन किया और रक्तदान की आवश्यकता बताई गई। ऐसे में छाजेड़ ने 86वीं बार रक्तदान किया।
छाजेड बताते हैँ कि “रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं है।” यह किसी व्यक्ति को जीवनदान देने का एक तरीका है और मानवता की सबसे बड़ी सेवा मानी जाती है। रक्तदान करने से रक्त बैंक में पर्याप्त मात्रा में खून उपलब्ध रहता है, जो आपातकालीन स्थिति में लोगों की मदद करता है। रक्तदान का कोई सीधा विकल्प नहीं है, क्योंकि मानव रक्त को कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता है।









