त्रयंबकेश्वर महादेव का रूद्राभिषेक, बाबा प्रकाशपुरी के चरण पादुका पूजन, आश्रम के सेवाधारी ब्रह्मलीन संत सतीश पुरोहित की द्वितीय पुण्य तिथि पर उनकी समाधि का पूजन तथा सांयकाल में रामदरबार एवं रामायणजी की आरती का आयोजन किया गया।
राइजिंग भास्कर. जोधपुर
कार्तिक मास के पावन पर्व पर चांदपोल तापडिया बेरा के पास स्थित अनिश्चितकालीन अखण्ड रामायण पाठ स्थल बाबा प्रकाशपुरी आश्रम में देव प्रबोधनी एकादशी पर अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आश्रम के संत रुक्मणपुरी महाराज ने बताया कि कार्तिक मास में देव प्रबोधनी एकादशी पर दिन भर आयोजित कार्यक्रमों में त्रयंबकेश्वर महादेव का रूद्राभिषेक, बाबा प्रकाशपुरी के चरण पादुका पूजन, आश्रम के सेवाधारी ब्रह्मलीन संत सतीश पुरोहित की द्वितीय पुण्य तिथि पर उनकी समाधि का पूजन तथा सांयकाल में रामदरबार एवं रामायणजी की आरती का आयोजन किया गया।
इससे पूर्व महाभारत वर्णित पंचरतन गीता जिसमें विष्णुसहस्त्रनाम, श्रीमद्भगवत गीता, गजेंद्र मोक्ष, भीष्मस्तवरराज, अनुस्मृति का सस्वर पाठ किया गया। पूरे दिन बाबा प्रकाशपुरी आश्रम के परिसर में रामचरितमानस की चौपाइयां गूंजती रहीं। दोपहर में पंकज टेलर के नेतृत्व में कमला नेहरू स्थित अंध विद्यालय के बच्चों ने वाद्य यंत्रों पर जुगलबंदी करते हुए एक से बढकर एक सुंदर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रमों के अंत में सायंकालीन आरती पश्चात् जोधपुर के सभी संत महंतों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सभी को बैठाकर भोजन करवाया गया तथा दक्षिणा देकर आदर सहित विदा किया गया। इस अवसर पर आश्रम में स्थित राम दरबार की भव्य आंगी रचना कर सजाया गया तथा आश्रम परिसर में रंगीन रोशनी, दीपकालिका व फूल मण्डली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत सेवाराम, ओमप्रकाश कंसारा, हरिराम, मीना जोशी, राहुल पुरोहित, प्रेमप्रकाश बोडा, शेरसिंह, कोटाजी रामदेव, सरस्वती, उमा, मोहिनी सोनी, सत्यनारायण राठी, ओमप्रकाश कंसारा आदि ने सेवाएं प्रदान की।





