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Sunday, October 25, 2026, 3:26 am

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जीवन के उद्देश्य की पूर्ति का संकल्प! ज्ञान की विरासत सौंपकर साध्वी वृंद का मंगल विहार कल

राइजिंग भास्कर. जोधपुर 

श्री मुहता जी मंदिर जैन तीर्थ में परम पूज्या शासन रत्ना साध्वी श्री अमितगुणा श्री जी (माताजी म. सा), प्रवचनकारिका साध्वी श्री पीयूषपूर्णा श्रीजी म.सा., साध्वी श्री प्रशांत पूर्णा श्रीजी म. सा आदि ठाणा 6 का ऐतिहासिक चातुर्मास कल, चौमासिक प्रतिक्रमण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इन चार महीनों की ज्ञान-साधना ने समाज को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की अमूल्य प्रेरणा दी है, जिसके बाद साध्वी वृंद (5 नवंबर) अपने अगले गंतव्य के लिए मंगल विहार करेंगी।

अद्भुत पूर्णाहुति: उद्देश्य और प्रेरणा

चातुर्मास पूर्णाहुति के अवसर पर, नीलवर्ण पार्श्वनाथ महिला मंडल के मंगल गीतों के बीच, साध्वी श्री जी ने अपने अंतिम उपदेश में जीवन का सार समझाया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य पुण्य और पुरुषार्थ से जुड़ कर ही पूर्ण होता है, और इसी प्रेरणा के साथ उन्होंने अपने प्रवचन को विराम दिया। सुबह के सत्र में, ‘गुरु जी हमारो अंतरनाद’ के स्वरों के बीच, एक-एक करके मुहता परिवार और अन्य साधर्मिक बंधुओं ने अपने अविस्मरणीय अनुभवों को साझा किया।

कृतज्ञता और विशेष सम्मान

अध्यक्ष संजय मेहता और सचिव पवन मेहता ने सामूहिक रूप से साध्वी भगवन्तों को ज्ञान की गंगा बहाने, कई सफल धार्मिक कार्यक्रमों का संचालन करने, और लोगों को धर्म से जोड़ने के लिए धन्यवाद अर्पित किया। इस खास पल में, साध्वी श्री एवं मेहता द्वारा सद्गत श्री राजेंद्र सिंह मुहता (राजा सा) को उनके धर्म से गहरे जुड़ाव और इस ऐतिहासिक चातुर्मास का ‘निमित्त’ बनने हेतु विशेष रूप से याद किया गया और सम्मान अर्पित किया गया।
ट्रस्टी गजेंद्र सिंह मुहता, अजय मेहता, संदीप मेहता ने इस क्षण को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह विहार है, विदाई नहीं। “गुरु की जीवन से कभी विदाई नहीं होती, वे सदैव हमारे हृदय में वास करते हैं।”

नई पीढ़ी का प्रोत्साहन

इस ऐतिहासिक चातुर्मास की सफलता के लिए, सभी साधर्मिक बंधुओं, लाभार्थियों और मंदिर स्टाफ के साथ-साथ मुहता परिवार की नई पीढ़ी—वैभव मुहता, सिद्धांत मुथा और आयुष मेहता—की भागीदारी को साध्वीश्री एवं मेहता द्वारा विशेष रूप से सराहा गया और उन्हें भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया गया।

आज (5 नवंबर) मंगल विहार

मंगल विहार हेतु सुबह 7 बजे, साध्वी वृंद प्रातः 6 बजे भाव यात्रा के पश्चात, श्री मुहता जी मंदिर जैन तीर्थ से संघ के संग ढोल-नगाड़ों के साथ सुरेंद्र इंद्रचंद सा मेहता शिप हाउस के लिए प्रस्थान करेंगी। धर्म और सत्य के पथ पर चलने की प्रेरणा देकर, गुरु भगवंतों ने भक्तों के जीवन में ज्ञान की एक अमिट छाप छोड़ी है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor