Explore

Search

Friday, January 23, 2026, 8:14 am

Friday, January 23, 2026, 8:14 am

LATEST NEWS
Lifestyle

समरसता कार्यक्रम में व्यसन मुक्ति -शिक्षा- स्त्री सुरक्षा की गूंज 

राइजिंग भास्कर. जोधपुर 

गज शुश्रुषा ट्रस्ट द्वारा बड़ी भील बस्ती में दिवाली समरसता स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ट्रस्ट सचिव पायल ज्योति ने बताया कि इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  किशन लाल, रक्षिता बाफना, स्थानीय पार्षद  एवं ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्र सुराणा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया। सर्वप्रथम बच्चों ने सभी अतिथियों का गायत्री मंत्र द्वारा स्वागत किया गया। बच्चों की उपस्थिति 250 की रही एवं बस्ती के 100 महानुभव पधारे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवा बस्तियों में व्यसन मुक्ति , समरसता एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है । बच्चों ने दांव पर भविष्य नाटक से कार्यक्रम में पधारे बस्ती वाले महानुभावों को संदेश दिया कि आप अपने बच्चों को पढ़ाइए शिक्षित करिए इसे ही आपके बच्चे आगे बढ़कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं । बच्चों ने व्यसन मुक्ति का संदेश देते हुए एक बहुत ही सुंदर संवाद कार्यक्रम किया। ट्रस्ट के शिक्षा क्षेत्र के समन्वयक टीकम भाई के अमूल्य योगदान पर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्यअतिथि, ट्रस्टीगण , टीकम , रिंका, पूजा , पूजा, दुर्गाराम, ज्योति, माया, कंचन ,सोनाली आरती ,मीनाक्षी, कुलदीप ने समस्त बच्चों को नशे की वस्तु अपने घर वालों को लाकर नहीं देना एवं स्कूल व केंद्र जाने की उपस्थित जन समूह को शपथ दिलाई गई। मुख्य अतिथि ने संबोधन करते हुए फरमाया कि आप सब देश का भविष्य हो आपको बुरी आदतों से बचाना है। आपको अपने परिवार, बस्ती एवं भारत का नाम रोशन करना है। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष विवेक ने बताया कि हमें जात-पात का भेद मिटाकर एकजुट रहना है एवं समरसता हेतु घोषणा करी की जो बच्चे रोज केंद्र पर शिक्षा ग्रहण करने आएंगे उन्हें राशन वितरित किया जाएगा। जो बालकों ने पूर्व महीना में अच्छी शिक्षा प्राप्त करी उन्हें सर्दी से बचने के लिए कंबल वितरित की जाएगी। बच्चों द्वारा अनेक सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रमों में देशभक्ति नृत्य , पहाड़े ,दोहे , गीत, कविता व भाषण के आयोजन बस्ती में जागरूकता लाने के लिए किया गया। जिससे बस्ती वालों ने प्रण लिया कि हम बच्चों को पढ़ाएंगे, हम आपस में एकता बनाए रखेंगे। अंत में कार्यक्रम में पधारे सभी व्यक्तियों को 1 किलो सिंघाड़े वितरित किए गए।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor