राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष का स्मरणोत्सव : जोधपुर में हर्ष और गौरव के साथ आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम
– वन्दे मातरम् के माध्यम से राष्ट्र सौ वर्षों से झर रहा संगठन, समरसता एवं आत्मीयता का महाप्रपात
–राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् मातृभूमि के प्रति अनंत श्रद्धा और आत्मबल का प्रतीक : देवेंद्र जोशी
शिव वर्मा. जोधपुर
जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई ने कहा कि हम सभी राष्ट्रीय चेतना के उस महान गीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष के स्मरणोत्सव के साक्षी बन रहे हैं। यह वह गीत है जिसने भारतीय आत्मा को स्वर दिया, विचारों को दिशा दी और राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोया। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल स्मरण का नहीं, बल्कि उस भावभूमि को पुनः आत्मसात करने का है, जिसने भारत को परतंत्रता से मुक्ति का मार्ग दिखाया।
इस गीत ने पराधीन भारत में आत्मसम्मान की लौ जलाई
विश्नोई ने कहा कि वन्दे मातरम् केवल गीत नहीं, राष्ट्र की आत्मा की पुकार था। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की कलम ने वह चमत्कार किया, जो तलवारें भी नहीं कर सकीं। उन्होंने शब्दों में वह शक्ति भर दी, जिसने पराधीन भारत को आत्मसम्मान की ओर जगाया। जब उन्होंने आनंदमठ में यह गीत रचा, तब शायद उन्हें भी ज्ञात नहीं था कि यह गीत एक युग का घोष बन जाएगा।
वन्दे मातरम् में भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की शक्ति
इस अवसर पर सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी ने कहा कि वन्दे मातरम् में भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की अलौकिक शक्ति है। यह गीत गुलामी की जंजीरों को तोड़ने वाले राष्ट्रभक्तों के लिए आत्मशक्ति का स्रोत बना। यह केवल राजनीतिक उद्घोष नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक संकल्प है जो हमारी सामूहिक चेतना को जाग्रत करता है।
हमारी चेतना, राष्ट्र की अखंडता और एकता का सूत्र है वन्दे मातरम्
जोशी ने कहा कि आज का भारत विश्व में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। वन्दे मातरम् हमें यह स्मरण कराता है कि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए। आज इस ऐतिहासिक दिवस पर हम सभी को हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए प्रण प्राण से जुट जाना चाहिए।
हर भारतीय के तन-मन में वन्दे मातरम् का वास
जोशी ने कहा कि वन्दे मातरम् केवल इतिहास नहीं, हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत अंग है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस गीत के हर शब्द का अर्थ समझें, उसकी भावनाओं को आत्मसात करें और राष्ट्रप्रेम की उस भावना को निरंतर जीवित रखें। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार इस दिशा में जनजागृति के हर प्रयास को प्रोत्साहित करेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए जिनमें राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय किसान कन्या द्वारा “जयति जयति भारत”, प्रेरणा राठी एवं पाटी द्वारा कथक नृत्य, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय जालोरी गेट द्वारा “पधारो म्हारे देश”, विशाल मिश्रा व संस्कृति द्वारा जिम्नास्टिक तथा जेफू खां लंगा पार्टी द्वारा लंगा गायन प्रस्तुत किया गया।
वन्दे मातरम् की निबद्धमय विराट प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र
इस अवसर पर भारत माता के चित्र व विशाल तिरंगे के साथ राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया गया, जिसने समूचे पंडाल को राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर कर दिया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन
कार्यक्रम से पूर्व मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में अतिथियों एवं गणमान्यों ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में 29 चित्रों के माध्यम से वन्दे मातरम् के इतिहास, उसके सृजन और प्रभाव को दर्शाया गया। इसमें राष्ट्रनायकों और विचारकों के उद्धरणों ने इस गीत की अमरता को और गहराई दी।
राजस्थान से राष्ट्रव्यापी संगति का हिस्सा बना जोधपुर
इस दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्य उपस्थिति में तथा जयपुर में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। इस अवसर पर सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, पूर्व सांसद एवं जीवजंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई, त्रिभुवन सिंह भाटी, वन्दे मातरम् कार्यक्रम के संयोजक वरुण धनाडिया, घनश्याम मेघवाल, मनीष, पवन आसोपा, घनश्याम वैष्णव, शिवप्रकाश सोनी, संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह, जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल, पुलिस आयुक्त ओम प्रकाश, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा, जोधपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त उत्साह चौधरी, पुलिस विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. शिल्पा सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद्, विद्यार्थी, युवा एवं आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।














