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Saturday, October 17, 2026, 5:09 pm

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विधिक प्रावधानों के तहत राजस्थानी दूसरी राजभाषा घोषित हो-कमल  रंगा

राइजिंग भास्कर. बीकानेर 
करोड़ों लोंगो की अस्मिता एवं जन-भावना के साथ सांस्कृतिक पहचान हमारी मातृभाषा राजस्थानी को दूसरी राजभाषा का वाजब हक शीघ्र मिले। इस बाबत राजस्थानी युवा लेखक संघ के प्रदेशाध्यक्ष एवं राजस्थानी मान्यता आंदोलन के प्रवर्तक कमल रंगा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से पुनः आग्रह करते हुए इस बाबत शीघ्र निर्णय की मांग की है।
रंगा ने अपनी मांग के समर्थन में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 345 के तहत संवैधानिक प्रावधान अनुसार किसी भी प्रदेश की किसी भी भाषा को दूसरी राजभाषा राज्य सरकार घोषित कर सकती है। ऐसे में राजस्थान सरकार संवैधानिक प्रावधानों के चलते हुए राजस्थानी को दूसरी राजभाषा की मान्यता प्रदान करें, क्योंकि उक्त मांग आजादी के बाद से ही प्रदेश में निरन्तर उठाई जा रही है।
राजस्थानी भाषा वैज्ञानिक दृष्टि से परिपूर्ण है साथ ही राजस्थानी का प्राचीन एवं आधुनिक साहित्य का विपुल भण्डार है। ऐसी समृद्ध भाषा जो भारतीय भाषाओं में अपना विशेष स्थान रखती है। उसका मान रखना आवश्यक है।
ऐसी स्थिति में रंगा ने आगे कहा कि आगामी माह में जयपुर में होने वाला प्रवासी राजस्थानी दिवस समारोह जो कि जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में होने वाले है इस महत्वपूर्ण समारोह में मुख्यमंत्री प्रदेश की दूसरी राजभाषा घोषित कर करोड़ों लोगांे की भावनाओं का मान रखंेगे।
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor