राखी पुरोहित. जोधपुर
शहर के वरिष्ठ बिजनेसमैन, समाजसेवी और चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री सुरेश राठी ने कहा कि सीए फाइनल पास करना केवल ज्ञान नहीं, बल्कि धैर्य, त्याग और लगातार प्रयासों की परीक्षा है। यह उपलब्धि उन अनगिनत चुनौतियों के बीच हासिल होती है, जो किसी भी युवा के आत्मविश्वास और लक्ष्य-संकल्प का असली पैमाना बन जाती हैं। रविवार को जोधपुर में आईसीएआई भवन में सीआईआरसी जोधपुर की ओर से नए सीए बनने वालों की हुई विशेष इंटररेक्टिव मीट में वे बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जोधपुर ब्रांच अध्यक्ष सीए हेमंत लोहिया ने कहा कि “सीए आपके नाम के आगे लगा एक विश्वास का प्रमाण है। यह न सिर्फ आपके करियर का नया मार्ग खोलता है, बल्कि आपके परिवार और समाज के लिए गर्व का क्षण भी होता है।” उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि सफलता का सफर कठिन जरूर है, मगर लगातार सीखते रहना और ईमानदारी से काम करना ही इस पेशे की असली पहचान है।
कार्यक्रम में जोधपुर शाखा द्वारा 50 से अधिक नव-उत्तीर्ण सीए ने भाग लिया। वक्ताओं ने बताया कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी आज देश में सबसे भरोसेमंद पेशों में से एक है, इसलिए युवा पीढ़ी को इस दिशा में आगे बढ़ने से बड़े अवसर, उच्च शिक्षा और प्रतिष्ठित डेवलपमेंट गाइडेंस का लाभ मिलता है।
वरिष्ठ सीए सदस्यों ने कहा कि आज के दौर में वित्तीय पारदर्शिता के बढ़ते महत्व के कारण सीए की भूमिका और भी केंद्रीय हो गई है। कॉरपोरेट सेक्टर, बैंकिंग, टैक्सेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम में विशेषज्ञता रखने वाले युवाओं के लिए भविष्य असीमित अवसरों से भरा है। सदस्यों ने पेरेंट्स, मेंटर्स और ट्रेनर्स के योगदान को भी विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता, परिवार और प्रशिक्षण नेटवर्क की मजबूत नींव पर ही खड़ी होती है। विशिष्ट अतिथि सीए नवरत्न मानधना ने भी संबोधित किया।
Author: Dilip Purohit
Group Editor








