अमरदीन फकीर गाजी फकीर (स्वर्गीय) के पुत्र हैं। गाजी फकीर वही है जिनकी हिस्ट्रीसीटर होने की फाइल तत्कालीन जैसलमेर एसपी पंकज चौधरी ने खोली थी और तब उन्हें बड़ा खामियाजा उठाना पड़ा था और उनका रातो-रात जैसलमेर से ट्रांसफर हो गया था। अब इन्ही हिस्ट्रीशीटर गाजी फकीर के पुत्र को कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष बनाया है। फकीर परिवार अशोक गहलोत के करीबी रहा है और राजस्थान में अशोक गहलोत के युग का अवसान हो चुका है। उल्लेखनीय है कि अमरदीन फकीर के बड़े भाई सालेह मोहम्मद गत विधानसभा चुनाव में पोकरण से चुनाव हार गए थे। तब जैसलमेर से रूपाराम धनदेव भी चुनाव हार गए थे। आरोप है कि दोनों ने एक-दूसरे को हराने में भूमिका निभाई थी। अब रूपाराम के विरोधी फकीर परिवार से कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष बनाकर अगले चुनाव में रूपाराम के पर कतरने की कोशिश की है, वहीं अमरदीन को जिलाध्यक्ष बनाने से राजपूत, ब्राह्मण, ओबीसी, वैश्य, दलित वर्ग में गुस्सा है।
दिलीप कुमार पुरोहित. जैसलमेर
कांग्रेस की जारी सूची में जैसलमेर में जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर को बनाया गया है। अमरदीन फकीर जैसलमेर के धर्मगुरु और हिस्ट्रीशीटर रहे गाजी फकीर (स्वर्गीय) के पुत्र हैं। गाजी फकीर की पूर्व आईपीएस पंकज चौधरी ने फाइल खोली थी और उनका उन्हें ट्रांसफर के रूप में खामियाजा उठाना पड़ा था। उसी हिस्ट्रीशीटर गाजी परिवार के पुत्र अमरदीन को कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष बनाकर आत्मघाती गोल कर दिया है। जैसलमेर की आज से कुछ दशक पहले पहले गाजी परिवार के इदगिर्द राजनीति घूमती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हिंदूवादी लहर ने जोर पकड़ा है और अब सनातनी नेताओं को मौका मिलने लगा है। ऐसे में बदले दौर में कांग्रेस ने फिर पकीर परिवार पर भरोसा करके अपनी लुटिया डुबाने की खुद ही तैयारी कर ली है। फकीर परिवार अशोक गहलोत के नजदीक माना जाता है और पिछले चुनाव में रूपाराम ओर फकीर परिवार की तनातनी हो गई थी। इस बार अशोक गहलोत ने फिर फकीर परिवार को कांग्रेस का जैसलमेर जिलाध्यक्ष बनवाकर जैसलमेर में कांग्रेस को कमजोर करने का प्रयास ही किया है।
उल्लेखनीय है कि अमरदीन फकीर गाजी परिवार के पुत्र हैं। कांग्रेस के पूर्व पोकरण विधायक और कैबिनेट मंत्री रहे सालेह मोहम्मद उनके बड़े भाई है। अब्दुला फकीर जो पूर्व में जिला प्रमुख रह चुके हैं वे भी अमरदीन फकीर के दूसरे भाई है। अमरदीन फकीर स्वयं जैसलमेर पंचायत समिति के प्रधान रहे हैं। कुल मिलाकर कांग्रेस ने जैसलमेर में अपने को फकीर परिवार के इदगिर्द सीमित कर लिया है। इससे जैसलमेर में राजपूत, ब्राह्मण और दलित वर्ग के साथ ही ओबीसी वर्ग कांग्रेस से छिटक सकता है। गौरतलब है कि उम्मेदसिंह तंवर जैसलमेर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष थे। वे जमीन से जुडे नेता रहे हैं और उन्होंने कांग्रेस के संगठन को मजबूती प्रदान की थी, मगर कांग्रेस ने अब जिलाध्यक्ष की कमान अमरदीन फकीर को सौंप दी है।






