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Sunday, August 23, 2026, 1:12 pm

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राजस्थानी भाषा की महिला उपन्यासकार बसंती पंवार कोटा में पुरस्कृत

5100 रुपए नकद, शॉल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति -पत्र प्रदान कर अलंकृत किया गया ।

पंकज जांगिड़. जोधपुर 

राजस्थानी भाषा की महिला उपन्यासकार, लोरीकार एवं व्यंग्यकार बसन्ती पंवार को ज्ञान भारतीय संस्था कोटा द्वारा आयोजित 32 वें गौरीशंकर कमलेश स्मृति पुरस्कार सम्मान 2025 के अंतर्गत भव्य आयोजन में “कमला कमलेश राजस्थानी भाषा पुरस्कार-2025 से अलंकृत किया गया ।

यह पुरस्कार जितेन्द्र निर्मोही (पुरस्कार सचिव), वीणा शर्मा (अध्यक्ष), सुरेंद्र शर्मा (सचिव), राजकुमार शर्मा (स्वागत अध्यक्ष), जे. पी. मधुकर, नहुष व्यास, रेखा शर्मा और कमला कमलेश की सुपुत्री डॉक्टर सुमन लता शर्मा एवं उनकी पड़पौत्री के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया । इसके अंतर्गत आपको 5100 रुपए नकद, शॉल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति -पत्र प्रदान कर अलंकृत किया गया ।

बसन्ती पंवार के व्यक्तित्व और कृतित्व पर साहित्यकार ममता महक ने विस्तृत प्रकाश डाला । जितेंद्र निर्मोही ने बताया कि बसन्ती पंवार जोधपुर राजस्थानी भाषा साहित्य की अग्रिम पंक्ति की रचनाकार है । राजस्थानी भाषा साहित्य और संस्कृति अकादमी, बीकानेर की सदस्य भी रह चुकीं हैं । वर्तमान में आप महिलाओं की संस्था “सम्भावना” की अध्यक्ष हैं। बसन्ती पंवार की अब तक हिंदी और राजस्थानी भाषा में सभी विधाओं में 22 कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं और पांच प्रकाशनाधीन हैं । आप इस समय कमला कमलेश पर मोनोग्राफ तैयार कर रही हैं और उपनिषद का राजस्थानी में अनुवाद भी कर रहीं हैं । साथ ही हिंदी से राजस्थानी भाषा में शब्दकोश के निर्माण कार्य में भी संलग्न हैं । राजस्थान विश्व विद्यालय, जयपुर की शोधार्थी सुमन वर्मा द्वारा आपके साहित्य पर शोध कार्य भी किया जा रहा है । आप केंद्रीय अकादमी, दिल्ली से पुरस्कृत उपन्यास का राजस्थानी भाषा में अनुवाद भी कर रहीं हैं । आपकी व्यंग्य कृति- “चूंटिया भरूं?” पर आपको यह पुरस्कार दूसरी बार मिला है । पहला पुरस्कार “सावित्री चौधरी खूब सिंह साहित्य पुरस्कार 2024” प्रयास संस्थान चूरु द्वारा प्रदान किया गया था । आपको अब तक राजस्थान एवं राजस्थान से बाहर नेपाल, तमिलनाडु, जबलपुर, नासिक, शिलांग, नागपुर, ग्वालियर, मेरठ, कानपुर, अल्मोड़ा आदि विभिन्न स्थानों से 62 पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं ।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor