राइजिंग भास्कर. जोधपुर
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के 18 सेक्टर एच पार्क में सरोज प्रिया के मुखार विंद से चल रही नानी बाई रो मायरे की कथा के तीसरे दिन सरोज प्रिया ने बताया कि नरसी जी गांव अंजार पहुचे। बेटी के ससुराल वालों ने कोई आव भगत नही की, लोग कुछ कहेंगे इसके लिए नरसी जी की बेटी को भेजा लेकिन दूसरी चिठी के साथ फिर घर पर बुलाया। नरसीजी भजन गाने लगे तो किसी ने कहा कि सावरिया सेठ आ गया तो नरसीजी डेरे पर गए। ठाकुर जी को मायरे के लिए कहा तो भगवान मायरे की तैयारी करने लगे और सारा सामान लेकर राधा रुकमणी के साथ गाव अंजार में मायरा भरने आये ओर नानी बाई को समझाया की मायरा जोरदार भरना है। 56 करोड़ के मायरे के साथ नरसी जी को लेकर मायरा भरा।
कथा प्रवक्ता ने बताया कि जीवन का हर काम भगवान के ऊपर छोड़ दो मैं मैं मत करो अभिमान नही करो। अभिमान से सब कुछ नष्ट हो जाता है। नरसी ने ठाकुर जी के ऊपर छोड़ दिया तो चिंता ठाकुर जी को हुईं और सभी को लेकर नरसी के नानी बाई का मायरा भरने के लिए भगवान आये, जो भी काम करो भगवान को अर्पण कर दो। फिर वह काम भगवान करते हैं और जब मायरे में मारो मोहन भइयो आओ ओर ले लो मायरो के भजन पर लोग झुम ऊठे और कहने लगे कि सावरिया है सेठ मारी राधाजी सेठानी है भजन पर भी भक्त भाव विभोर हुए और कृष्ण मुरारी प्रेम परिवार के संरक्षक कृष्ण मुरारी द्वारा सभी गणमान्य नागरिकों, तन मन व धन से सहयोग करने वालो एवं अतिथियों का स्वागत हुआ। विदाई के समय लोग भावुक हो गए धूमधाम से मायरे को विराम दिया।
Author: Dilip Purohit
Group Editor









