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Thursday, July 9, 2026, 12:12 pm

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शेयर बाजार से बिना शेयर बेचे कमाई?…SLBM— एक ऐसा रास्ता जिससे शेयर किराये पर देकर ब्याज कमाया जा सकता है

 

आने वाले वर्षों में SLBM बाजार 1 लाख करोड़ से भी पार जा सकता है।

आप अगर अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं तो आपके लिए राइजिंग भास्कर लाया है SLBM यानी Shares Lending Borrowing Market — एक ऐसा रास्ता जिससे शेयर किराये पर देकर ब्याज कमाया जा सकता है, इससे कैसे कमाई होती है और इसके लाभ-दोषों पर चर्चा करते हुए प्रस्तुत है मुक्कमल रिपोर्ट-
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

सोचिए—आपके पास दो मकान हैं।
एक में आप रहते हैं, दूसरा खाली पड़ा है।
अगर आप दूसरा मकान रहने के लिए किसी को किराए पर दे दें तो?

  • मकान भी आपके पास रहेगा,
  • साथ ही हर महीने किराया भी आएगा।

ठीक यही काम शेयरों के साथ भी किया जा सकता है।
आप शेयर बेचते नहीं—बस किराए पर देते हैं और बदले में ब्याज कमाते हैं।
शेयर बाज़ार की भाषा में इसी व्यवस्था को कहा जाता है— SLBM – Securities Lending & Borrowing Mechanism

सरल भाषा में SLBM क्या है?

जिस तरह लोग मकान किराए पर देते हैं, उसी तरह निवेशक अपने शेयर कुछ समय के लिए दूसरों को उधार दे सकते हैं।
उधार लेने वाला व्यक्ति निर्धारित समय बाद वही शेयर लौटा देता है और इस बीच उधार देने वाले को किराये की तरह रिटर्न/ब्याज मिलता है।

यह प्रक्रिया पूरी तरह SEBI द्वारा नियंत्रित, ट्रैकिंग सिस्टम आधारित और कानूनी है।
बाजार में प्रतिदिन करोड़ों शेयर ऐसे ही किराए पर circulate होते हैं।

क्यों चर्चा में है SLBM?

  • तेजी से बढ़ता बाजार — 40,000 करोड़+ का आकार
  • लोग बिना शेयर बेचे कमाई करना चाह रहे
  • बैंक एफडी से कई गुना तक अधिक ब्याज मिलने की संभावना
  • तकनीकी बदलाव से प्रक्रिया आसान और सुरक्षित

15% तक वार्षिक रिटर्न कैसे संभव?

ध्यान रहे—यह कोई Guaranteed Return Scheme नहीं है
रिटर्न कई कारकों पर निर्भर करता है—

कारण असर
शेयर की मांग और उपलब्धता ज्यादा मांग → ज्यादा रिटर्न
लोन अवधि लंबी अवधि पर आम तौर पर रिटर्न थोड़ा बढ़ सकता है
मार्केट वोलैटिलिटी तेजी-मंदी रिटर्न दरें बदल सकती हैं
सुरक्षा व जोखिम स्थिर कंपनियों में कम जोखिम—रिटर्न अक्सर स्थिर

बाजार के रिकॉर्ड के अनुसार कई बार SLBM से निवेशक को 8% से 15% तक सालाना लाभ मिला है।
कुछ परिस्थितियों में इससे भी ज्यादा—but ये हमेशा नहीं होता।

???? क्योंकि यह ब्याज जैसा आय का स्रोत है, न कि शेयर बेचकर हुआ मुनाफा।

इसे एक कहानी की तरह समझिए

राम के पास 200 शेयर कंपनी–A के हैं।
वे शेयर उन्हें लंबे समय के लिए रखने हैं—बेचना नहीं चाहते।

करीम को शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग करनी है।
उसे वही शेयर बाजार में उधार चाहिए।

  • राम अपने शेयर SLBM के माध्यम से उपलब्ध करा देता है
  • करीम उन्हें महीनों बाद वापिस कर देता है
  • तब तक राम को ब्याज/भाड़े जैसा लाभ मिलता है
  • शेयर भी वापस उनके खाते में सुरक्षित लौट आते हैं

यानी → शेयर भी सुरक्षित + अतिरिक्त कमाई भी

क्यों कोई व्यक्ति शेयर किराए पर लेता है?

कुछ कारण बहुत सरल हैं—

1. Short Selling / Trading Strategy

कभी-कभी ट्रेडर को लगता है कि किसी शेयर की कीमत आगे गिर सकती है,
ऐसे में वह शेयर उधार लेकर बेचता है और बाद में सस्ते दाम में खरीदकर लौटा देता है।

2. Arbitrage Opportunity

दो बाज़ारों/समयों के मूल्य अंतर से कमाई।

3. डिलीवरी सेटलमेंट

कभी-कभी ट्रेडर को किसी सौदे के लिए डिलीवरी की जरूरत पड़ती है, जहाँ खरीदारी अभी नहीं करनी चाहता—तो अस्थायी उधार ले लेता है।

यानी शेयर उधार लेने वाले के लिए ये एक रणनीतिक टूल है, जबकि शेयर देने वाले के लिए कमाई का अवसर

सुरक्षा कितनी है?

निवेशकों के लिए कुछ बड़े प्लस-पॉइंट—

शेयर गिरवी या बेचे नहीं जाते
पूरा सिस्टम देखा-परखा और SEBI Regulated
डिफॉल्ट की स्थिति में बैकअप मैकेनिज्म मौजूद
निवेशक के शेयर डे-मैट में ही रहते हैं, एक्सचेंज ट्रैक करता है

फिर भी—जोखिम शून्य नहीं होता।
जैसे किरायेदार मकान छोड़ने में देर कर सकता है—
उसी तरह बाज़ार की अत्यधिक उथल-पुथल प्रक्रिया धीमी कर सकती है।

अब वह हिस्सा जिसका आप इंतजार कर रहे थे…

कितनी कमाई सम्भव? (Case Study + Expanded Version)

अब सोचिए — 1,00,000 रुपये के शेयर कोई उधार लेता है।
आपको ब्याज मिलता है, मानिए 10% सालाना

1,00,000 पर 1 साल में कमाई — 10,000 रुपये
शेयर भी आपके पास वापस — यानी खुद शेयर की ग्रोथ भी अलग से

अगर उसी साल शेयर की कीमत 12% बढ़ गई,
तो आपकी कुल वैल्यू ग्रोथ =

10% SLBM रेंट + 12% शेयर ग्रोथ = 22% कुल लाभ की सम्भावना

यह सिर्फ उदाहरण है — वास्तविक लाभ कम-ज्यादा हो सकता है।

अधिक समझाने के लिए एक विस्तृत उदाहरण

| निवेशक के पास शेयर | 1,50,000 रुपये | | ब्याज दर | 12% वार्षिक | | अवधि | 12 महीने | | संभावित कमाई | ₹18,000 + शेयर मूल्य वृद्धि अलग से |

अगर मूल्य वृद्धि 10% और हुई →
₹15,000 और बढ़ेगा।

???? कुल फायदा लगभग ₹33,000 (यानी 22% के आसपास)

यह शक्ति इसी वजह से SLBM को विशेष बनाती है।

तुलना समझने के लिए—FD vs SLBM vs Rental Property

निवेश का तरीका औसत कमाई (अनुमानित) क्या मूल संपत्ति रहती है?
बैंक FD 6%–7% हाँ
प्रॉपर्टी किराया 2%–4% हाँ +
SLBM 8%–15% (कभी अधिक भी) हाँ ++

इस तालिका में रेट फ्लक्चुएट कर सकते हैं, पर रुझान यहीं दिखता है—
SLBM कई स्थितियों में ज्यादा रिटर्न दे सकता है।

लेकिन—यह सब हर किसी के लिए नहीं

यह तरीका उन लोगों के लिए उपयोगी है—

जिनके पास पहले से शेयर निवेश है
जो शेयर बेचना नहीं चाहते
लंबी अवधि वाले निवेशक
जोखिम समझने वाले पाठक

और विशेष रूप से—
नाबालिग, नई शुरुआत करने वाले या बिना बाजार ज्ञान वाले व्यक्ति इसे सीधे प्रयोग न करें।

वे इस विषय को ज्ञान के रूप में सीखें, समझें, और अनुभव के साथ भविष्य में प्रयोग करें।

भविष्य की दिशा — SLBM क्यों आगे और बढ़ेगा?

  • भारत में बढ़ती निवेशक संख्या
  • ETF और Large Cap में होल्डिंग बढ़ना
  • Trading Strategies का विस्तार
  • संस्थागत मांग में वृद्धि
  • Passive Investors की निष्क्रिय पूंजी का उपयोग

आने वाले वर्षों में SLBM बाजार 1 लाख करोड़ से भी पार जा सकता है।
और जब बड़े निवेशक जागरूकता बढ़ाएंगे—तो यह आय का नया क्षेत्र बनकर सामने आएगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor