शिव वर्मा. जोधपुर
परमहंस अभयराम महाराज का बरसी महोत्सव मनाया गया। इस मौके पर पाषण कुंडी को तैराकर दर्शन करवाए गए। संतों की तपोस्थली श्री बड़ा रामद्वारा सूरसागर में बरसी महोत्सव के अंतर्गत महन्त परमहंस रामप्रसाद महाराज के पावन सान्निध्य में परमहंस अभयराम महाराज के समाधि पुजन के साथ उत्सव शुरू हुआ। देवल-पुजन आरती में सत्यप्रकाश जोशी परिवार द्वारा पुजन किया गया तथा संत अमृतराम ने भक्तमाल की कथा सुनाते हुए कहा कि सत्संग अमर जड़ी है। सत्संग ही भगवान से जुड़ने का एक मार्ग है। सत्य का संग ही सत्संग है। शबरी, प्रहलाद और नरसी भगत के द्वारा की गई सत्संग कि महिमा सुनाते हुए भजन की प्रस्तुति दी। महन्त रामप्रसाद महाराज ने सर्वांगसार की कथा को सुनते हुए कहा है कि सुख का सागर राम है दुख का भंजन हार और दुनिया के सामने याचना ना करें आदि प्रसंगों पर विशेष चर्चा करते हुए बताया कि जीवन में संत महापुरुषों के अनुभव वाणी का सान्निध्य प्राप्त हो जाए तो जीवन परमानंद को प्राप्त कर लेता है । उसके लिए आवश्यक है संतों की कही बातें हमारे जीवन में उतारे। जिससे हमारा जीवन सेवामय, सुमिरन मय ,सत्संग मय बने। हम केवल राम जी की कृपा की याचना करें दुनिया के सामने याचक ना बने।
Author: Dilip Purohit
Group Editor









