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Thursday, March 12, 2026, 10:23 am

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कदमताल… शिवम् नाट्यलय का 62 वाँ एवं 63 वाँ अरंगेत्रम 29 दिसंबर को

भारतीय शास्त्रीय नृत्य की पावन परम्परा को संजोते हुए, शिवम् नाट्यलय पुनः एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। संस्थान की दो प्रतिभावान शिष्या विरोनिका चौधरी व अनन्या शर्मा अपनी कलादक्षता का महत्त्वपूर्ण पर्व, अरंगेत्रम, जोधपुरवासियों के समक्ष मारवाड़ इंटरनेशनल ऑडिटोरियम में दिनांक 29 दिसंबर को प्रस्तुत करने जा रही हैं।

दिलीप कुमार पुरोहित. भगवान पंवार. जोधपुर 

भारतीय शास्त्रीय नृत्य की पावन परम्परा को संजोते हुए, शिवम् नाट्यलय पुनः एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। संस्थान की दो प्रतिभावान शिष्या विरोनिका चौधरी व अनन्या शर्मा अपनी कलादक्षता का महत्त्वपूर्ण पर्व, अरंगेत्रम, जोधपुरवासियों के समक्ष मारवाड़ इंटरनेशनल ऑडिटोरियम में दिनांक 29 दिसंबर को प्रस्तुत करने जा रही हैं।

विरोनिका चौधरी दिल्ली पब्लिक स्कूल जोधपुर (पाल) की कक्षा 7 की एक होनहार छात्रा है । विरोनिका अध्ययन के साथ-साथ वैदिक गणित ( अबेकस ) और कराटे ( खेलकूद ) में भी निपुण है । विरोनिका के पिताजी ओमप्रकाश चौधरी परिवहन से जुड़े व्यवसायी है तथा माताजी निर्मला चौधरी एक योग प्रशिक्षक है। परिवार से मिले संस्कारों और कला के प्रति लगाव से विरोनिका को बचपन से ही नृत्य की ओर प्रेरित किया है। उन्होंने पिछले 9 वर्षों से शिवम नाट्यालय से गुरु डॉ . मंजूषा चंद्रभूषण सक्सेना के स्नेह पूर्ण मार्गदर्शन एवं कठोर साधना में भरतनाट्यम का प्रशिक्षण प्राप्त किया। गुरु की प्रेरणा अनुशासन और निरंतर अभ्यास के फलस्वरुप आज विरोनिका यह गौरवशाली अरंगेत्रम मंचस्थ कर रही है। दूसरी ओर अनन्या शर्मा भी भारतीय शास्त्रीय नृत्य की पावन परम्परा को संजोते हुए, अपनी कलादक्षता का महत्त्वपूर्ण पर्व, अरंगेत्रम, जोधपुरवासियों के समक्ष प्रस्तुत करने जा रही हैं।

अनन्या शर्मा, दिल्ली पब्लिक स्कूल,पाल रोड, जोधपुर की कक्षा 9 की एक अत्यंत प्रतिभाशाली, मेधावी एवं बहुआयामी छात्रा हैं।
कला के क्षेत्र में भी अनन्या की रुचि अत्यंत गहरी है। उसे बचपन से ही नृत्य के प्रति विशेष लगाव रहा। उसने पिछले 9 वर्षों से शिवम नाट्यालय से गुरु डॉ . मंजूषा चंद्रभूषण सक्सेना के स्नेह पूर्ण मार्गदर्शन एवं कठोर साधना में भरतनाट्यम का प्रशिक्षण प्राप्त किया गुरु की प्रेरणा अनुशासन और निरंतर अभ्यास के फलस्वरुप आज अनन्या शर्मा यह गौरवशाली अरंगेत्रम मंचस्थ कर रही है। अनन्या कराटे मे भी अव्वल रही है तथा वह नेशनल टीम को रिप्रेजेंट कर चुकी है। अनन्या के माता–पिता चिकित्सक हैं तथा विनायक हॉस्पिटल समूह के निदेशक हैं। उनके पिता डॉ. प्रदीप शर्मा, एक प्रख्यात यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन हैं, जबकि उनकी माता डॉ. कविता शर्मा, एक अनुभवी गाइनेकोलॉजिस्ट एवं आईवीएफ स्पेशलिस्ट हैं। उनका पारिवारिक वातावरण सेवा, अनुशासन और उत्कृष्टता से परिपूर्ण है। अनन्या शर्मा अपने माता–पिता व अपनी गुरु को अपना आदर्श मानती हैं l

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor