श्री जागृति संस्थान ने अपना दसवां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। नववर्ष का स्वागत ग्रीन गैलरी में अनूठे अंदाज में किया। देर शाम तक प्रकृति की गोद में सुर जवां हुए। शब्दों ने अंगड़ाई ली। जहां युवा और वरिष्ठ सदस्यों ने जमकर प्रस्तुतियां दी और जलपान का आनंद लिया।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
ग्रीन गैलरी। हरियाली से आच्छादित एक मुक्कमल कैनवास। जहां सीए संजय भंडारी ने कबाड़ से जुगाड़ के साथ हरियाली के रंग उकेरे हैं। उनकी मेहनत फलीभूत हुई और आज वे हजारों पर्यावरणविदों के लिए प्रेरणा के स्रोत बने हुए हैं। उनकी डेवलेप की गई ग्रीन गैलरी में हर तरह के पेड़-पौधे हैं। शायद ही कोई किस्म होगी जो ग्रीन गैलरी में ना हो। यहां वेस्टेज वस्तुओं से काम की चीजें बनी हुई है। सबका डिस्प्ले इतना शानदार ढंग से किया गया है कि हर आगंतुक की नजर बरबस ठहर जाती है। ग्रीन गैलरी पुलिस लाइन मुख्य गेट के पास आज एक नजीर बनकर उभरी है। ऐसे ही प्राकृतिक वातावरण में श्री जागृति संस्थान ने अपनी स्थापना की वर्षगांठ मनाई। श्री जागृति संस्थान की 25 दिसंबर 2016 को जोधपुर में स्थापना की गई थी। आज श्री जागृति संस्थान की जोधपुर शाखा ने 10वें वर्ष में प्रवेश किया। साथ ही हर वर्ष की तरह अपने जमाने की सदाबहार एक्ट्रेस साधना शिवदासानी को उनकी पुण्यतिथि पर स्वरांजलि देकर पुष्पांजलि दी गई।
कार्यक्रम के आरंभ में ग्रीन गैलरी के संचालक सीए संजय भंडारी का स्वागत किया गया। श्री जागृति संस्थान के अध्यक्ष राजेश भैरवानी ने उन्हें शॉल ओढ़ाई। श्री जागृति संस्थान के संरक्षक वरिष्ठ एडवोकेट एनडी निंबावत ने उन्हें साफा पहनाया। सचिव हर्षद सिंह भाटी ने उन्हें माला पहनाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजय भंडारी ही थे। अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष राजेश भैरवानी ने की। कार्यक्रम का आगाज श्री जागृति संस्थान की कोषाध्यक्ष राखी पुरोहित ने साधना का गीत प्रस्तुत कर किया। इसके बाद वरिष्ठ एडवोकेट एनडी निंबावत ने राजस्थानी में मौलिक गीत सुनाकर खूब दाद लूटी। उनकी राग में काफी मिठास थी और शब्दों में ठेठ मारवाड़ी लहजा था जिसे खूब पसंद किया गया।
श्याम गुप्ता शान्त ने हास्य कविता सुनाकर खूब मनोरंजन किया। उन्होंने अपनी प्रतिनिधि रचना में सौम्यता के साथ सबको सरल हास्य से सराबोर कर दिया। पंकज बिंदास ने अपने गीत से नई राग का प्रदर्शन किया। हंसराज बारासा हंसा ने साधना को समर्पित अपनी गजल से सबको आह़्लादित कर दिया। कौशल्या अग्रवाल कुसुम ने भी साधना की पंक्तियां गुनगुनाई। रजनी प्रजापति ने नए वर्ष से संबंधित रचनाकर सुनाकर नववर्ष का उल्लास बिखेरा। उनकी पंक्तियों ने आशावादी किरणों का उजास भरा। राजेंद्र शाह राजन ने अपने चिरपरिचित अंदाज में रचना सुनाकर खूब दाद लूटी। भीमराज सैन ने कार्यक्रम में अच्छा सहयोग किया। उन्होंने व्यवस्था में भी सहयोग किया और जब उनकी बारी आई तो उन्होंने रचना पाठ कर मर्यादित शब्दों से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
जेके माहेश्वरी ने अपनी रचना से नव भोर की नव रश्मि में जागरण का प्रकाश देखा। वरिष्ठ सदस्य आरएन चौधरी ने अपनी रचनाधर्मिता से संवेदना का परिचय दिया। उनके शब्दों में मानवीय ओज और समय की सामयिकता का संदेश छुपा था। अशफाक अहमद फौजदार ने अपनी शाइरी से जीवन की सच्चाई को शब्द दिए। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर विभिन्न विषयों को अपनी शाइरी में स्थान दिए। नीलम व्यास स्वयंसिद्धा की रचना मानव जीवन की संवेनाओं से परिपूर्ण थी और उसमें आशावादी संदेश छुपा था। सकारात्मकता से ओतप्रोत रचना में स्वयंसिद्धा का अपना निजी अनुभव और दर्शन छुपा था।
यशोदा माहेश्वरी ने साधना के दो गीत प्रस्तुत किए। उन्होंने अपनी सधी और सुंदर राग में रचना को आवाज देकर माहौल को खुशनुमा कर दिया। मंजू डागा ने चिरपरिचत अंदाज में गीत सुनाया। हर्षद सिंह भाटी ने गजल सुनाकर माहौल को खुशनुमा कर दिया। कार्यक्रम के आरंभ में उन्होंने श्री जागृति संस्थान की नौ साल की यात्रा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्री जागृति संस्थान के साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और जन जागृति वाले कार्यक्रम जारी रहेंगे। राजन वैष्णव की रचना में मानवीय पीड़ा और आत्मीयता के भाव थे। इस मौके पर अनुराधा श्रीवास्तव, राजेश भार्गव ने भी अपनी प्रस्तुति दी। चंद्रशेखर सोनी, गोविंदराम, सुरेंद्र कुमार सिंघल सहित अनेक लोग मौजूद थे। पवन कुमार ने बोलने वाली गीता का डेमो बताया।





