लेखक : शिव सिंह
आधुनिक जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण आज ‘कोलेस्ट्रॉल’ एक जाना-माना शब्द बन गया है। अक्सर इसे दिल का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर को सही ढंग से काम करने के लिए कोलेस्ट्रॉल की ज़रूरत भी होती है? समस्या तब शुरू होती है जब इसका संतुलन बिगड़ जाता है।
कोलेस्ट्रॉल क्या है?
कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा, वसायुक्त पदार्थ है जो हमारे लीवर द्वारा बनाया जाता है। यह कोशिका झिल्ली (cell membranes), कुछ हार्मोन और विटामिन डी के निर्माण के लिए आवश्यक है।
कोलेस्ट्रॉल मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:
* HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल): यह “हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन” है। यह रक्त से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को वापस लीवर तक ले जाता है, जहाँ से इसे शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। * LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल): यह “लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन” है। जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है, तो यह धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है, जिससे वे संकरी हो जाती हैं।
यह हृदय के लिए शत्रु कैसे बनता है?
जब रक्त में LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, तो यह धमनियों में ‘प्लाक’ (Plaque) जमा करने लगता है। इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहते हैं।
* रक्त प्रवाह में बाधा: धमनियों के संकरा होने से हृदय तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुँचाने में कठिनाई होती है।
* हार्ट अटैक का खतरा: यदि यह प्लाक फट जाता है, तो वहां खून का थक्का जम सकता है, जिससे रक्त का प्रवाह पूरी तरह रुक जाता है। यही स्थिति हार्ट अटैक का कारण बनती है।
* स्ट्रोक: यदि मस्तिष्क तक जाने वाली धमनियों में यह समस्या हो, तो स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के मुख्य कारण
* अस्वास्थ्यकर आहार: अधिक तला-भुना, बाहर का जंक फूड और ‘ट्रांस फैट’ का सेवन।
* व्यायाम की कमी: शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने से वजन बढ़ता है और बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है।
* धूम्रपान और शराब: ये आदतें गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम करती हैं और धमनियों को नुकसान पहुँचाती हैं।
* अनुवांशिकता: कभी-कभी परिवार के इतिहास के कारण भी कोलेस्ट्रॉल उच्च हो सकता है।
बचाव के उपाय: अपने दिल को कैसे सुरक्षित रखें?
अपने कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना पूरी तरह आपके हाथ में है:
* स्वस्थ आहार: अपने भोजन में फाइबर युक्त चीजें जैसे ओट्स, दलिया, फल, सब्जियां और दालें शामिल करें। अखरोट और अलसी के बीज भी फायदेमंद हैं।
* नियमित व्यायाम: रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की पैदल चाल (Brisk Walking) या योग करें।
* वजन नियंत्रण: अपने शरीर के वजन को संतुलित रखें।
** नियमित जांच: 30 साल की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार ‘लिपिड प्रोफाइल टेस्ट’ ज़रूर करवाएं।
निष्कर्ष: कोलेस्ट्रॉल को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे सही संतुलन में रखना आपके दिल की लंबी उम्र के लिए अनिवार्य है। याद रखें, एक छोटा सा बदलाव आपके दिल को बड़ी बीमारियों से बचा सकता है।
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Author: Dilip Purohit
Group Editor









