शिवम् नाट्यालय का 62वां व 63वां अरंगेत्रम सम्पन्न, वेरोनिका चौधरी एवम् अनन्या शर्मा ने दी 3 घंटे भरतनाट्यम की प्रस्तुति।
भगवान पंवार. दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
शिवम् नाट्यालय का 62 वां व 63वां अरंगेत्रम मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में संपन्न हुआ। जिसमें वेरोनिका और अनन्या ने अपनी गुरु के साथ घुंघरू पूजा कर घुंघरू ग्रहण किए। अपनी प्रथम प्रस्तुति पुष्पांजलि ताल आदितालम में की। उसके बाद अलारिपु चतुरस्य एकम ताल में व जातिस्वरम राग हेमावती में प्रस्तुत किया। शब्दम में द्रोपदी चीर हरण पर कृष्ण लीला का भावपूर्ण अभिनय पेश किया। चिदंबरम की कविता “नल्ला शगुनम” पर आधारित वर्णम राग मलिका में एवम् पराशक्ति जननी द्वारा पदम की बारीकियों को व दुर्गा के श्रृंगार रस,वियोग रस,वीर रस और रौद्र रस को आदितालम में दिखाकर सबको भावविभोर कर दिया।
राग बहाग में तिल्लाना प्रस्तुत कर खूब तालियां बटौरी। अंत में मंगलम प्रस्तुत कर दोनों शिष्यायों ने अपने गुरु एवम् दर्शकों को धन्यवाद कर आशीर्वाद लिया। गुरु डॉ.मंजूषा चंद्रभूषण ने दोनों शिष्यायों को भारतीय संस्कृति एवम् भरतनाट्यम गुरु शिष्य परंपरा को निभाने हेतु शपथ ग्रहण करवाई। साथ ही उन्हें अरंगेत्रम की डिग्री प्रदान की। डॉ.मंजूषा ने अरंगेत्रम के महत्व को समझाते हुए बताया कि 2000 ईसा पूर्व भरतनाट्यम का इतिहास है और तब से अरंगेतरम की प्रथा चली आ रही है। पहले के समय में बालिकाओं को गुरुकुल में छोड़ा जाता था और वह अपनी नृत्य साधना पूरी कर राजा महाराजाओं के समक्ष गुरुओं के समक्ष अपने नृत्य की प्रस्तुति देती थी। इस प्रथा को आज भी उतनी श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता है। यह गुरु शिष्य परंपरा का अनूठा उदाहरण है। उनकी संस्था विगत 26 वर्षों से जोधपुर में भरतनाट्यम के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है।
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद पाली बद्रीराम जाखड़, सदस्य राज उपभोक्ता आयोग लियाकत अली, पूर्व प्रधानाचार्य पैसिफिक एण्ड अनंत मेडिकल कॉलेज डॉ. विनय जोशी, निदेशक दिल्ली पब्लिक स्कूल बी. एस. यादव, वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. नगेन्द्र शर्मा, प्रिंसिपल दिल्ली पब्लिक स्कूल सुश्री अभिलाषा शॉ, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. आर. के. व्यास, प्रधान पीपाड़ शहर श्रीमती सोनिया चौधरी उपस्थित थे। बद्रीराम जाखड़ ने बालिकाओं को आशीर्वाद देते हुए उनके सुनहरे भविष्य की शुभकामनाएं दी।
लियाकत अली ने शिवम नाट्यालय की इस पहल को सराहा और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जोधपुर राजस्थान में भरतनाट्यम के लिए जाना जाएगा। डॉ. विनय जोशी ने कहा कि किसी ख्याति प्राप्त संस्था से अरंगेतरम करना मायने रखता है, यह डिग्री देश में ही नहीं विदेशों में भी महत्वपूर्ण है। बी. एस. यादव ने भी भारतीय संस्कृति की इस धरोहर को बचाए रखने और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए संस्था की सराहना की। दोनों बच्चियों की माता श्रीमती निर्मला चौधरी, डॉक्टर कबिता शर्मा एवं पिता ओमप्रकाश चौधरी, डॉक्टर प्रदीप कुमार शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकट कर गुरु को सम्मान देते हुए धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम में मंच संचालन संस्थान की सीनियर छात्राएं मेहल शारदा एवं पर्ल राठी द्वारा किया गया।





