राखी पुरोहित. जोधपुर
गज शुश्रुषा ट्रस्ट द्वारा संचालित संस्कार केंद्रों के लगभग 20 अध्यापकों के लिए नासिक की पावन धरती पर एक विशेष ‘गुरु दर्शन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह चार दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन आध्यात्मिक योगी श्रद्धेय प्रमोद मुनि जी महाराज साहब के मंगल सानिध्य में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य अध्यापकों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान कर उनमें नई ऊर्जा का संचार करना था।
ट्रस्ट सचिव पायल ज्योति ने बताया कि अध्यक्ष नरेंद्र सुराणा के कुशल नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरु महाराज ने सभी उपस्थित अध्यापकों को महत्वपूर्ण जीवन मंत्र दिए। उन्होंने फरमाया, “जो कार्य खुद को अच्छा नहीं लगता हो वह किसी और के साथ ना करें। भलाई करते हुए भी प्रसन्नता का अनुभव होना चाहिए। संति मग्गं च वुहए (सभी के जीवन में बहुत शांति हो)”।
टीकम, अंजलि, निरमा, पूजा, लक्ष्मी, मीनाक्षी, माया, शीतल, ज्योति, आरती, प्रिया और संजू सहित 20 अध्यापकों ने गुरुदेव का अनमोल सानिध्य प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ उठाया और शांति व सकारात्मकता का अनुभव किया। गुरुदेव ने अध्यापकों को यह भी मार्गदर्शन दिया कि वे कैसे बच्चों को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का मार्ग बता सकते हैं, जिससे बच्चों के परिवारों में समरसता स्थापित हो सके। आशा, रितु, संगीता, नमन, हेमंत और ललिता का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
आध्यात्मिक सत्रों के अतिरिक्त, अध्यापकों ने धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी किया। उन्होंने गोदावरी माता नदी की महाआरती में भाग लिया, त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया, और सीता गुफा आदि महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण किया। सभी अध्यापकों ने अपने जीवन में नई ऊर्जा व सकारात्मकता का अनुभव किया।







