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Thursday, March 12, 2026, 10:50 am

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भारत का इतिहास पराजय का नहीं बल्कि शौर्य और वीरता का प्रतीक – शेखावत

राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2026 :  अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने पूर्व सैनिकों के सम्मान में किया कार्यक्रम,  वीर नारियों एवं वीरांगनाओं का किया सम्मान

भगवान पंवार. जोधपुर

शहर के रामलीला मैदान (रावण चबूतरा ) में आयोजित हो रहे पश्चिम राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव के तहत मंगलवार को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से पूर्व सैनिकों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं राष्ट्रीयस्वयं संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं सीमा जनकल्याण समिति के क्षेत्रीय संगठन मंत्री स्वरूपदान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम के दौरान मेजर जनरल अनुराग छिब्बर, फ्लाइंग ऑफिसर नारायण सिंह जोधा, सीपीओ जबर सिंह, जीव जंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई लघु उद्योग भारती के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि वीरता और पराक्रम का हमारा इतिहास वर्षों पुराना है और सदियों से इस देश की संस्कृति को बचाए रखने के लिए हमारे पूर्वजों ने आक्रांताओं से लंबी लड़ाई लड़ी। हालांकि यह हमारा दुर्भाग्य रहा कि हमें हमेशा पराजय का इतिहास पढ़ाया गया , जबकि भारत का इतिहास पराजय का नहीं बल्कि पराक्रम, वीरता और शौर्य का रहा है। उन्होंने कहा कि वीर पुरुषों एवं वीरांगनाओं का सम्मान हमारी संस्कृति का हिस्सा रही है। आज जब हम इस मंच से वीरांगनाओं एवं वीर नारियों का सम्मान कर रहे हैं तो यह केवल उनका सम्मान नहीं बल्कि बहादुर सैनिकों के सीमाओं पर शहीद होने के बाद जो त्याग , धैर्य, समर्पण उन्होंने समाज में प्रदर्शित करते हुए हमेशा मौन राष्ट्र प्रहरी के रूप में देश की एकता और अखंडता की साधना की है, उसका भी सम्मान है। आज हम यहां वीरांगनाओं का सम्मान नहीं बल्कि उनके प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करते हैं। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हमारी संस्कृति में पालने में ही माताएं अपने बच्चों को देश की एकता एवं अखंडता के लिए बलिदान होने की सीख देती रही है और आज भारत जिस मुकाम पर खड़ा है l, उसमें कई वीरों ने अपना बलिदान दिया है। उन्होंने इस अवसर पर मेजर शैतान सिंह सहित देश के लिए समर्पित होने वाले सभी बहादुर सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि सैनिकों का गौरवशाली इतिहास कर्तव्य , चरित्र निर्माण और संस्कार की शौर्य गाथा है।

शेखावत ने आज के भारत को नया भारत बताते हुए कहा कि एक समय था जब हमारा देश सैन्य उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहता था , लेकिन आज हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं और विश्व भर के देश भारत के सैन्य उपकरण खरीदने के लिए लालायित हैं। उन्होंने कहा कि देश का नेतृत्व सशक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है और यही कारण है कि जब-जब दुश्मनों ने हमें छेड़ने का दुस्साहस किया , हमारे सेनाओं ने अपने शौर्य एवं पराक्रम के साथ सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से इसका करारा जवाब भी दिया। शेखावत ने कहा कि आज हम सभी विकसित भारत बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं और इसमें हम सभी को अपनी भागीदारी निभाने की आवश्यकता है। देश को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी केवल सैनिकों पर नहीं , बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की है और इसलिए हमें भी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए देश के लिए हर बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान मेजर जनरल अनुराग छिब्बर, एसएम, वीएसएम जीओसी, जोसा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया है वह दूरदर्शी सोच का परिणाम है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और अब हम सभी को एक साथ कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने उद्यमियों से भी आह्वान किया कि वह सेना के साथ जुड़कर सैन्य क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करे। उन्होंने पूर्व सैनिक एवं एनसीसी कैसेट्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेला मुख्य समन्वयक महावीर चोपड़ा ने बताया कि इस बार हमने यह मेला हमारी सैन्य शक्ति को समर्पित किया है और इसीलिए ऑपरेशन सिंदूर पर मेले की थीम रखी गई है, ताकि देश के युवाओं को सेना की गौरवगाथा से अवगत कराया जा सके। सीमा जनकल्याण समिति के संगठन मंत्री स्वरूपदान, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जोधपुर प्रांत संरक्षक एयर मार्शल जगदीश चंद्र ने भी संबोधित किया, वही कार्यक्रम के अंत में सेवा परिषद के अध्यक्ष मेजर जनरल नरपत सिंह राजपुरोहित में सभी अतिथियों का आभार जताया। इस अवसर पर ब्रिगेडियर पीएस राणावत,कर्नल गिरधारी नाथ गोस्वामी, कर्नल धन्ना राम , लघु उद्योग भारती प्रांत महामंत्री सुरेश कुमार विश्नोई, सुधीन्द्र दुग्गड, दीपक माथुर, पंकज भंडारी, राकेश चौरड़िया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

इन वीरांगनाओं एवं वीर नारियों का किया गया सम्मान

आखिर भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव समिति की ओर से 11 वीरांगनाओं एवं वीर नारियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में वीर नारी गोगीदेवी, छोटी कंवर , भंवर कंवर, ओम कंवर, सरवण कंवर, संतोष कंवर, रैना, वीरांगना कुसुम राठौड़, गीता सिंह और लाल कंवर का शाल ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान निधि देकर सम्मानित किया गया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor