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Thursday, July 9, 2026, 6:37 am

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माहेश्वरी महाकुंभ 9 से 11 जनवरी, संस्कृति का होगा भव्य संगम, चौराहों पर गूंजेंगे राजस्थानी गीत-नृत्य

9 को हेरिटेज वॉक होगी और 10 जनवरी को शहीद स्मारक से अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देशभक्ति रैली निकाली जाएगी।

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी अधिवेशन के अंतर्गत आयोजित होने जा रहा माहेश्वरी महाकुंभ इस बार केवल एक सामाजिक सम्मेलन नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भव्य उत्सव बनेगा। 9 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले इस महाकुंभ में जोधपुर शहर के प्रमुख चौराहों पर राजस्थानी लोक संस्कृति की जीवंत प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें गीत, नृत्य, वादन और पारंपरिक स्वागत की अनूठी झलक देखने को मिलेगी।

समाजसेवी सौरभ राठी ने बताया कि महाकुंभ में देश-विदेश से आने वाले हजारों मेहमानों का स्वागत पारंपरिक अंदाज में किया जाएगा। शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर ढोल-थाली, घूमर, कालबेलिया, चंग, गेर और लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। विशेष रूप से 11 नामी बैंड और कच्छी घोड़ी नृत्य की प्रस्तुति होगी। साथ ही प्रसिद्ध कनाना गेर आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।

ताेपों से फूलों की वर्षा और फव्वारों के साथ होगा अतिथियों का स्वागत :

सौरभ राठी ने बताया कि मुख्य प्रवेश द्वार पर अतिथियों का स्वागत तोपों से फूलों की वर्षा और भव्य फव्वारों के साथ किया जाएगा। इस दौरान “जय महेश” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय और उत्सवपूर्ण बन जाएगा। आयोजन स्थल पर राजस्थानी, पंजाबी, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल, कन्नड़ सहित सात भाषाओं में अतिथियों का अभिनंदन किया जाएगा, जिससे महाकुंभ की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय भावना और मजबूत होगी।

सौरभ राठी के अनुसार माहेश्वरी समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज और जीवनशैली को दर्शाने के लिए मे 600 फीट लंबे और 200 फीट ऊंचे मेन गेट को एलईडी व एमआई बार्स से आकर्षक बनाया जाएगा। अधिवेशन में समाज की ऐतिहासिक परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक धरोहर की झलक दिखाई देगी। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, यह तीन दिवसीय महाकुंभ मारवाड़ी शान और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा। इसी क्रम में 9 हेरिटेज वॉक का आयोजन भी किया जाएगा, जिसके माध्यम से जोधपुर की ऐतिहासिक धरोहरों से मेहमानों को रूबरू कराया जाएगा। वहीं 10 जनवरी को शहीद स्मारक से अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देशभक्ति रैली निकाली जाएगी। कुल मिलाकर माहेश्वरी महाकुंभ न केवल समाज का महासम्मेलन होगा, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और गौरव को देश-विदेश के मेहमानों के सामने प्रस्तुत करने का ऐतिहासिक अवसर भी होगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor