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Sunday, August 23, 2026, 6:36 am

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श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

समस्त गोत्रिय बंधुओं के पूर्वजों की गति मुक्ति के लिए छोड़ा संकल्प

शास्त्र में बताया कि हरि भजन करने से मुक्ति मिलती है – प्राण वल्लभ महाराज

राखी पुरोहित. जोधपुर 

श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा शिवबाड़ी महामंदिर जोधपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का आज सोमवार 5 जनवरी 2026 को शुभारंभ हुआ। विक्रान्त दवे ने बताया कि श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का वाचन कथा व्यास प्राणवल्लभ महाराज (श्रीमाली ब्राह्मण) के मुखारविंद से शिवबाड़ी महामंदिर में दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक हो रहा है।

कैलाश श्रीमाली अध्यक्ष महामंदिर ने बताया कि श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में श्रीमाली ब्राह्मण समाज के 14 गौत्र की कुलदेवियां व कुलदेवता का विधि विधान से पूजन अर्चन हुआ। वहीं समस्त गोत्रिय बंधुओं के पूर्वजों की गति मुक्ति के लिए भी संकल्प छोड़ा। श्रीमाली ने बताया कि आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत आज सर्व प्रथम विद्वान पंडितों के सानिध्य में मुख्य यजमान श्रीमती प्रिया पुखराज दवे द्वारा विधि विधान से पूजन किया गया वहीं श्रीमद् भागवत कथा का पूजन करने के बाद कथा व्यास प्राण वल्लभ महाराज का महामंदिर अध्यक्ष कैलाश श्रीमाली द्वारा साफा पहनाया गया वहीं सेवाभावी अशोक जोशी, सत्यनारायण दवे, कैलाश चंद्र बोहरा, मधुसूदन दवे, रमेश व्यास, राजेन्द्र दवे, विक्रान्त दवे, अशोक व्यास द्वारा माल्यार्पण किया गया।
कथा व्यास प्राण वल्लभ महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग व कलयुग के बारे में विस्तार से बताया। कलयुग के बारे में बताया कि यह युग कलह का युग है। पहले सब परिवार साथ में रहते थे, अब इस युग में परिवार बट गए। लोगों की स्मरण शक्ति घट रही है।

कलियुग में लड़ाई झगड़े बढ़ रहे है, पाप भी बढ़ रहा है। कलयुग में एक गुण अच्छा है शास्त्र में बताया कि हरि भजन करने से मुक्ति मिलती है। कलयुग का समय 432000 वर्ष बताया जिसमें 5250 वर्ष निकल गए।
कलयुग के लिए ही भागवत लिखी गई। इसके साथ ही राजा परीक्षित एवं सुखदेव की कथा सुनाकर श्रीमद् भागवत कथा की उत्पति के बारे में बताया। कथा में भजनों की सरिता भी बहाई जिसमें गुरु देव दया करके, मुझे अपना लेना…, हरि शरणम् हरि शरणम् प्रभु शरणम् प्रभु शरणम् बोलो प्रभु शरणम्… इत्यादि से उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सचिव मधुसूदन दवे ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा मुख्य यजमान, यजमान, भामाशाहों के साथ अखिल भारतवर्षीय श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था पुष्कर, श्रीमाली ब्राह्मण समाज विकास संस्थान हरिद्वार, अखिल भारतीय श्री गुरु फूलनारायण आश्रम न्यास सोजत सिटी, श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज शिक्षा एवं चिकित्सा संस्था पुष्कर (आरोग्य भवन जोधपुर), श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज महानगर जोधपुर के साथ श्रीमाली ब्राह्मण समाज महामंदिर, फतेहसागर, सरदारपुरा, नंदन वन प्रखंड, हाऊसिंग बोर्ड, बासनी व श्री रिक्तेश्वर भैरूनाथ पर्यावरण एवं विकास ट्रस्ट के साथ समस्त श्रीमाली ब्राह्मण समाज बंधु के तन मन धन के सहयोग से भव्य आयोजन हो रहा है।

कथा के पहले दिन मुख्य यजमान श्रीमती प्रिया पुखराज दवे, यजमान श्रीमती भारती – रमेश व्यास, श्रीमती सरला – कैलाश चंद्र बोहरा, श्रीमती शारदा – उमाशंकर श्रीमाली, सेवाभावी अशोक जोशी, महामंदिर अध्यक्ष कैलाश श्रीमाली, सत्यनारायण दवे, कैलाश चंद्र बोहरा, मधुसूदन दवे, रमेश व्यास, ओम प्रकाश दवे, राजेन्द्र दवे, पं. चन्द्रशेखर दवे, अशोक व्यास, पं. विरेन्द्र राज जोशी, विक्रान्त दवे, दिनेश ठाकुर, सत्यनारायण बोहरा, अनिल दवे, प्रदीप दवे, ध्रुव जोशी के साथ मातृ शक्ति के रूप में संगीता दवे महिला अध्यक्ष महामंदिर, श्रीमती पूर्णिमा जोशी, श्रीमती सिंपी दवे, श्रीमती नीतू शर्मा, श्रीमती वीणा के साथ सैकड़ों बंधु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित होकर पुण्य लाभ कमाया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor