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Saturday, January 24, 2026, 1:26 am

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मुंबई में सुरक्षित, सुलभ और सस्ता आवास (बेड) : परमार्थ सेवा समिति गर्ल्स हॉस्टल (डांगी हॉस्टल) ने रची मिसाल

विशेषकर सीए और एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स करने वाली छात्राओं के लिए पढ़ाई के साथ-साथ सही माहौल, अनुशासन और सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। ऐसे में बोरीवली पूर्व में स्थित परमार्थ सेवा समिति गर्ल्स हॉस्टल (डांगी हॉस्टल) ने बहुत कम समय में एक सकारात्मक और भरोसेमंद पहचान कायम कर ली है।

दिलीप कुमार पुरोहित. मुंबई

मुंबई जैसे महानगर में उच्च शिक्षा के लिए आने वाली छात्राओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास की होती है। विशेषकर सीए और एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स करने वाली छात्राओं के लिए पढ़ाई के साथ-साथ सही माहौल, अनुशासन और सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। ऐसे में बोरीवली पूर्व में स्थित परमार्थ सेवा समिति गर्ल्स हॉस्टल (डांगी हॉस्टल) ने बहुत कम समय में एक सकारात्मक और भरोसेमंद पहचान कायम कर ली है।

दिसंबर 2024 में स्थापित यह हॉस्टल अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं कर पाया है, लेकिन इस अल्प अवधि में ही इसकी 130 सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। मौजूदा सत्र के एडमिशन लगभग पूर्ण हो चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि छात्राओं और अभिभावकों के बीच हॉस्टल ने विश्वास अर्जित किया है।

सीए और एमबीए छात्राओं के लिए समर्पित व्यवस्था

डांगी हॉस्टल विशेष रूप से सीए और एमबीए की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यहां का वातावरण पढ़ाई के अनुकूल है—शांत, सुरक्षित और अनुशासित। हॉस्टल की प्रमुख वार्डन प्रतिभा शर्मा हैं, जिन्हें डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव है। उनका स्नेहिल लेकिन अनुशासनप्रिय मार्गदर्शन छात्राओं को न केवल सुरक्षित महसूस कराता है, बल्कि एक पारिवारिक माहौल भी देता है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस, फिर भी किफायती

परमार्थ सेवा समिति गर्ल्स हॉस्टल पूरी तरह फुल एयर कंडीशन्ड है जो मुंबई की उमस भरी जलवायु में किसी वरदान से कम नहीं। इसके साथ ही हॉस्टल में एक उन्नत लाइब्रेरी और अनलिमिटेड वाई-फाई की सुविधा पूरी तरह निशुल्क दी जाती है, ताकि छात्राओं की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।

हॉस्टल में प्रत्येक बेड के लिए मासिक किराया मात्र 6,000 रुपए प्रति छात्रा रखा गया है, जो मुंबई जैसे शहर में लगभग अकल्पनीय है। इसके अतिरिक्त 2,000 रुपए प्रोसेसिंग फीस (वन टाइम) और 20,000 रुपए सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जाता है, जो हॉस्टल छोड़ने पर पूरी तरह रिफंडेबल है। डिनर के लिए 1,800 रुपए निर्धारित हैं, जबकि नाश्ता और भोजन की अन्य आवश्यकताओं के अनुसार राशि सीधे मैस कॉन्ट्रेक्टर को दी जा सकती है। हॉस्टल परिसर में प्रॉपर मैस की व्यवस्था है, जहां स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा—तीनों का ध्यान

हॉस्टल में 24 घंटे की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, शुद्ध पेयजल, वॉशरूम में गीजर, और फुली फर्नीश्ड हैं। छात्राओं के शारीरिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा गया है—इसके लिए हॉस्टल में जिम की सुविधा मौजूद है। इसके अलावा सोलर सिस्टम भी लगाया गया है, जो पर्यावरण के प्रति समिति की जिम्मेदारी को दर्शाता है।

संस्कृति और संस्कारों का संगम

डांगी हॉस्टल केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र भी है। प्रमुख वार्डन प्रतिभा शर्मा छात्राओं के साथ मिलकर प्रमुख त्योहारों और मेलों का आयोजन करवाती हैं। पिछले वर्ष गणेश चतुर्थी को भव्य और पारंपरिक ढंग से मनाया गया। हर सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन को पूरे उत्साह और सामूहिकता के साथ मनाया जाता है, जिससे छात्राओं को घर जैसी अनुभूति होती है।

सेवा भाव से प्रेरित है प्रबंध कार्यकारिणी, सेवा ही जिनका आधार 

परमार्थ सेवा समिति की कार्यकारिणी में चेयरमैन लक्ष्मीनारायण बियानी, अध्यक्ष मनमोहन गोयनका, सचिव रवि लालपुरिया और प्रोजेक्ट प्रभारी रामविलास माहेश्वरी शामिल हैं। इन सभी का उद्देश्य स्पष्ट है—सेवा भाव के साथ छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और सस्ता आवास उपलब्ध कराना।

मुंबई में एक प्रेरक उदाहरण

आज जब मुंबई जैसे महानगर में छात्राओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल और किफायती सुविधाएं मिलना बेहद मुश्किल हो गया है, ऐसे समय में परमार्थ सेवा समिति गर्ल्स हॉस्टल ने यह साबित कर दिखाया है कि इच्छाशक्ति और सेवा भावना हो तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। कम दरों में उच्चस्तरीय सुविधाएं, अनुशासित वातावरण और पारिवारिक अपनापन—डांगी हॉस्टल इन सभी का सशक्त उदाहरण बन चुका है। निश्चित ही, परमार्थ सेवा समिति गर्ल्स हॉस्टल (डांगी हॉस्टल) आने वाले समय में मुंबई में छात्रावास व्यवस्था के क्षेत्र में एक मॉडल और प्रेरणा के रूप में जाना जाएगा।

 

 

 

 

 

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor