जरूरतमंद बालिकाएं अपने सपने मणिद्वीप के ज्ञान व संस्कार से हकीकत में बदल रही है
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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स्वामी विवेकानंद स्टूडेंट्स वेलफेयर चेरिटेबल ट्रस्ट एवं मां शारदा मणि ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में अध्यात्मयोगी नंदकिशोर शारदा के साधना केंद्र मणिद्वीप शास्त्रीनगर में दूसरे चरण में विभिन्न महाविद्यालयों में अध्ययनरत 63 छात्राओं को 3 लाख 78 हजार 500 रुपए की छात्रवृत्ति के चेक वितरित किए गए। ट्रस्ट की अध्यक्ष सुश्री मधु आडवानी ने कहा कि जरूरतमंद बालिकाओं को उच्च शिक्षा हेतु 29 वर्ष पूर्व ट्रस्ट की स्थापना हुई थी। इस ट्रस्ट के माध्यम से प्रतिवर्ष हजारों बालिकाएं शिक्षा, संस्कार प्राप्त कर अपने जीवन का नवनिर्माण कर रही है। पढ़ाई का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि कमजोर आर्थिक परिस्थितियों में वचलित नहीं हो, दृढ़ संकल्प व समय का सदुपयोग कर आगे बढ़े, सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने भैया नंदकिशोर शारदा व मां बसंती मनिहार का अध्यात्म जीवन, बुद्धि विवेक योग साधना पद्धति, मणिद्वीप प्रतीक चिह्न जीवन के सफलता की कुंजी, ईश्वर का नि:स्वार्थ स्मरण एवं प्रेम ही मानव जीवन का आधार इत्यादि विषय पर उद्बोधन दिया।
प्रो. वीके भंसाली ने कहा कि विद्यार्थी का सबसे बड़ा शत्रु आलस्य है, जिसको त्याग कर जीवन में निरंतर सुधार की प्रक्रिया ही सफलता की सीढ़ी है। विशिष्ट अतिथि रामेश्वर ने कहा कि यहां आकर देखा कि इन बालिकाओं को थोड़ी सी मदद करने पर उनके सपने हकीकत में बदल रहे हैं। राजन भंडारी ने कहा कि मणिद्वीप से जो ज्ञान मिलता है वह अद्भुत है, उनको जीवन में लागू करने पर सर्वांगीण विकास होगा। नीति भंडारी ने कहा कि मणिद्वीप की बालिकाओं का आत्मविश्वास बहुत अच्छा है, वे स्वयं ज्ञान सीख कर परिवार व समाज को सिखा रही है एवं नए युग का निर्माण कर रही है।
बालिकाओं ने अपने अनुभव बताए
इस कार्यक्रम में ट्रस्ट से लाभान्वित कई बालिकाएं शिवानी, गायत्री, ललिता राजपुरोहित, हेमा, संगीता भंडारी, कीर्ति जोशी, रेखा प्रजापत, नेहा पंवार ने उद्बोधन में कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर परिवारजनों ने कॉलेज की पढ़ाई कराने से इनकार किया, मणिद्वीप अध्यात्म परिवार ने शिक्षित करने का बीड़ा उठाया, हम आगे जितना पढ़ना चाहते हैं। यह ट्रस्ट हमारी मदद कर हर संभव प्रयास कर रहा है। शिक्षा के साथ मणिद्वीप में प्रत्येक रविवार को संस्कार कक्षाओं में हम बालिकाओं को सही जीवन जीने की कला सिखाई जाती है, जिसे दैनिक दिनचर्चा में लागू कर हम गुणों का विकास कर रहे हैं। धरती को मां स्वरूप मानकर उनका सवेरे प्रणाम करते हैं, घर में सभी बड़े बुजुर्गों को प्रणाम करते हैं एवं नित्य 15 मिनट अपने ईष्टदेव का स्मरण करते हैं। इसमें हमारे अंदर सहनशीलता के गुण आते हैं। उपस्थित बालिकाओं ने कहा कि भविष्य में हमारे जैसी जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा हेतु मदद करेंगे। छात्रवृत्ति के चेक वितरित मुख्य अतिथि समाजसेवी टीआर भंडारी, सीए राजन भंडारी, निधि भंडारी, रामेश्वर, उद्योगपति अमित सोनी, राहुल सोनी, रितेश मरडिया, संजीव माथुर ने किए। इस अवसर पर मणिद्वीप अध्यात्म परिवार के सदस्य एवं कई मणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मंच संचालन नवलकिशोर शारदा ने कहा कि युगप्रर्वतक नंदकिशोर शारदा के मिशन विश्व शांति, विश्व बंधुत्व व मानव जीवन कल्याण की सफलता के लिए ये बालिकाएं बहुत महत्वपूर्ण कार्य कर समाज को नई राह प्रदान कर रही हैं।
Author: Dilip Purohit
Group Editor











