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Saturday, January 24, 2026, 2:46 am

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सवाई मानसिंह स्टेडियम में सप्त शक्ति कमांड द्वारा आयोजित ‘शौर्य  संध्या ’ में सेना के शौर्य और पराक्रम से जगमगाया जयपुर

अपने प्रेरणादायी संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने सीमाओं की सुरक्षा हेतु सेना की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की तथा सशस्त्र बलों और देशवासियों के बीच गहरे भावनात्मक जुड़ाव को सशक्त रूप से रेखांकित किया।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 
जयपुर के ऐतिहासिक सवाई मानसिंह स्टेडियम में भारतीय सेना द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक-कार्यकम ‘शौर्य  संध्या ’ ने राष्ट्रभक्ति, शौर्य और सैन्य परंपराओं का अनुपम संगम प्रस्तुत किया। सप्त  शक्ति  कमांड  के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम सेना दिवस आयोजनों  की गरिमामयी पूर्व संध्या के रूप में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट  जनरल मनजिंदर सिंह, आर्मी  कमांडर , सप्त शक्ति कमांड ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, वीरगति को प्राप्त सैनिकों के Next of Kins (NoKs), पूर्व सैनिक, सिविल प्रशासन के गणमान्य व्यक्ति, मीडिया प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में उत्साही नागरिक उपस्थित रहे, जो सभी भारतीय सेना के अदम्य साहस और समर्पण के प्रति गौरव से ओत-प्रोत थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ आर्मी कमांडर के भव्य स्वागत के साथ हुआ, जिसके उपरांत मनमोहक पैरामोटर  डिस्प्ले और प्रतीकात्मक गुब्बारों के विमोचन ने समारोह में उल्लास और गरिमा का संचार किया। इसके बाद प्रदर्शित सेना दिवस कर्टेन रेज़र फिल्म  ने भारतीय सेना की ऑपेरशनल  रेडीनेस , व्यावसायिक दक्षता तथा राष्ट्र निर्माण में उसकी अमूल्य भूमिका को प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने सीमाओं की सुरक्षा हेतु सेना की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की तथा सशस्त्र बलों और देशवासियों के बीच गहरे भावनात्मक जुड़ाव को सशक्त रूप से रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत भारत की स्वदेशी युद्ध कलाओं – कलरीपायट्टु  तथा मल्लखम्ब  के सशक्त और ऊर्जावान प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ये प्रस्तुतियाँ सेना की शारीरिक दक्षता, अनुशासन तथा सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक थीं।
समारोह का भव्य समापन ऑपरेशन  सिन्दूर  पर आधारित नाटकीय ‘लाइट  एंड  साउंड  शो’ के साथ हुआ, जिसने दर्शकों को युद्धभूमि के सजीव अनुभव से रूबरू कराया। इसके उपरांत आकाश को तिरंगे रंगों से सुसज्जित करती मनमोहक ड्रोन  डिस्प्ले  ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
‘शौर्य  संध्या ’ भारतीय सेना के साहस, बलिदान और प्रोफेशनल उत्कृष्टता को समर्पित एक भव्य श्रद्धांजलि के रूप में उभर कर सामने आई, जिसने सेना और राष्ट्र की जनता के बीच अटूट संबंध को और सुदृढ़ किया तथा कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सेवा जैसे शाश्वत मूल्यों का उत्सव मनाया।
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor