उद्भव, उन्नति और उद्देश्यों का महाकुंभ संपन्न
दिलीप कुमार पुरोहित. राखी पुरोहित. जोधपुर
जोधपुर के आकाश पर तीन दिन माहेश्वरी समाज का नया सूरज उगा…इस दौरान शिक्षा, संस्कार, संस्कृति, स्वरोजगार और आर्थिक किरणों ने उजास फैलाया। 27 देशों के अलावा देश के कोने-कोने और स्थानीय लोगों और छत्तीस कौम के लोगों को मिलाकर तीन दिन में करीब 5 लाख लोगों ने एक्सपो के साथ अधिवेशन में भाग लिया। माहेश्वरी अधिवेशन में जहां माहेश्वरी समाज ने विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया, वहीं एक्सपो की स्टॉल पर सुबह से लेकर देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। एक तरफ राजस्व का यह फेयर महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ वहीं सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक चर्चाओं का यह मंच साबित हुआ।
माहेश्वरी अधिवेशन और एक्सपो पूरी तरह से संयमित, अनुशासित और नई चेतना का वाहक साबित हुआ। आयोजकों ने इतने बड़े कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप दिया और किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं आया। हर कोई आयोजन की तारीफ कर रहा था। पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर में एक लघु शहर बसाया गया था। 250 बीघा से अधिक क्षेत्र में अधिवेशन और एक्सपो लगाया गया। जोधपुर ने इस अधिवेशन के माध्यम से एक अविस्मरणीय छाप छोड़ी। 2019 के बाद इतना बड़ा आयोजन हुआ जिससे जोधपुर के इतिहास में एक नई कड़ी जुड़ गई।
समाजसेवी सौरभ राठी ने बताया कि 2019 में भी जोधपुर माहेश्वरी अधिवेशन का मेजबान बना था और 2026 में एक बार फिर इतना बड़ा आयोजन हुआ। यह आयोजन माहेश्वरी समाज की एकजुटता और उनके समर्पण की मिसाल है। पिछले छह महीने से इस आयोजन की तैयारियां चल रही थीं। इस आयोजन को लेकर तीन दिन शहर में उल्लास नजर आया। होटलें, धर्मशालाएं और सभी स्थल पूरी तरह बुक थीं। कई लोगों को माहेश्वरी समाज के लोगों ने अपने आवास पर भी ठहराया। यह अधिवेशन अपने आप में अनूठा साबित हुआ। इससे माहेश्वरी समाज की एकजुटता का संदेश पूरे देश-दुनिया में प्रसारित हुआ। यह भी साबित हो गया कि माहेश्वरी समाज जो ठान लेता है वह करके दिखाता है। इतना बड़ा आयोजन सफलतापूर्वक होना इसी बात को साबित करता है। सौरभ राठी ने बताया कि विजय 2047 : वैदिक भारत से वैश्विक भारत तक की समाज की भूमिका की थीम पर यह अधिवेशन आयोजित किया गया था। सात साल बाद सनसिटी में एक बार फिर इतिहास दोहराया गया। 135 साल पुराने व देश के सबसे बड़े शृंखलाबद्ध संगठन अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के नेतृत्व में तीन दिन तक चले इस अधिवेशन में माहेश्वरी समाज के उद्भव, उन्नति और उद्देश्य का जीवंत दस्तावेज देखने को मिला।
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अधिवेशन की सराहना की
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े भी रविवार को अधिवेशन में पहुंचे। उन्होंने माहेश्वरी समाज के इस बिग इवेंट की सराहना की। बागड़े ने कहा कि माहेश्वरी समाज अपने उद्यम से आगे बढ़ा है। माहेश्वरी समाज का विजन हमेशा देश की उन्नति में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाला रहा है। उन्होंने आयोजकों को बधाई दी और कहा कि इस तरह के आयोजनों से परस्पर एकजुटता और सीखने का अवसर मिलता है।
उत्पाद, इनोवेशन, आइडिया, विकास और नए भारत की तस्वीर दिखा गया अधिवेशन और एक्सपो
समाजसेवी सौरभ राठी ने बताया कि माहेश्वरी अधिवेशन और एक्सपो उत्पाद, इनोवेशन, आइडिया, विकास और नए भारत की तस्वीर दिखा गया। शायद ही कोई फील्ड होगा जो इस अधिवेशन और एक्सपो से अछूता रह गया हो। इस एक्सपो में सजी स्टॉल पर सीमेंट, खनन, प्रॉडक्शन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, निर्माण, खान-पान, स्टॉल निर्माण, सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर, हार्डवेयर, फर्नीचर, इनवेस्टमेंट, शेयर कारोबार, सुरक्षा, साइबर सिक्युरिटी, बीमा, गौ विज्ञान, गौ उत्पाद, पत्थर उद्योग, फाइनेंशियल सिक्युरिटी, मार्बल उद्योग, बुलडोजर, क्रेन, जेसीबी के पार्ट्स आइटम, कपड़े के उत्पाद, चमड़े के उत्पाद, चीनी उत्पाद, मंदिर-मूर्तियां, मैकअप आइटम, हैडिंक्राफ्ट आइटम, परफ्यूम, सजावट का सामान, क्रॉकरी, वुडन आइटम, मेडिकल इक्यूपमेंट, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, बिजली चालित वाहन, एक्यूपंक्चर और दूर-दूर तक नजर दौड़ाए तो वो सबकुछ नजर आया जो इस मेले की शान में कशीदे कढ़ रहा था। खाने-पीने के सामान की तो कोई गिनती ही नहीं थी।
इन विषयों पर हुई चर्चा
कन्वेंशन में अंतिम दिन वुमन एट क्रॉसरोड्स, हाऊ टू मेंटेन वर्क फैमिली बैलेंस पर टाॅक शो हुआ। इसमें महिलाओं की सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका, बदलते परिवेश में पारिवारिक, आर्थिक व सामाजिक संस्कार को बचाने में बहुआयामी भूमिका पर चर्चा की गई। दूसरा सत्र घर से ग्लोबल तक (महिला उद्यमियों की उड़ान) विषय पर आयोजित हुआ। कन्वेंशन में स्क्रीन टाइम रिडक्शन पर एक विशेष सत्र हुआ। वाटर सैक्टर पर भी संबोधन हुआ।
सुरेश राठी ग्रुप की स्टॉल पर सरप्राइज गिफ्ट की रही धूम
एक्सपो में सुरेश राठी ग्रुप की स्टॉल पर तीनों दिन जबरदस्त भीड़ रही। हर कोई इन्वेस्टमेंट संबंधी जानकारी लेने को लालायित नजर आया। वहीं तीसरे दिन सरप्राइज गिफ्ट भी दिए गए। तीनों दिन स्टॉल पर अनमोल रत्न, अनमोल भजन, निरामय जीवन, कैलेंडर और उपहार वितरित किए गए। यह मेला मेलजोल का प्रतीक साबित हुआ। स्टॉल पर श्री सुरेश राठी और श्रीमती शशि राठी का सान्निध्य रहा। श्री ओमजी, श्री प्रवीण चितलांगिया, श्री अरविंद चितलांगिया, श्री सागर दायमा, श्री दिलीप बहादुर सहित अनेक सहयोगियों ने अपना योगदान दिया। स्टॉल पर तीन दिन खूब एन्जॉय किया गया।
Author: Dilip Purohit
Group Editor













