दिलीप कुमार पुरोहित. मॉरीशस
विश्व हिन्दी सचिवालय मॉरीशस की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन 2026 का कार्यक्रम 10 जनवरी को समाप्त हुआ। जिसमें दोनों दिन 200 दर्शकों ने सहभागिता दी। इसमें पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन हुआ जिसमें भारत की ओर से तथा दुबई में रह रहे के बी व्यास ने अपनी हाइकु कविताओं का पाठ किया जिसमें से कुछ हाइकु कविताएँ थी-
सब खोखला
पैसा रुतबा कोठी
शांति के बिना,
खुली हो सोच
हर एक की सुनें
सही को चुनें
और
मानते सभी
परम सत्य एक
जानते कुछ
कुल मिला कर हाइकु उन्होंने पढ़े और उस समय पूरे सदन में पिन ड्रॉप साइलेंस था तथा उनके हाइकुओं को गूढ़ व दार्शनिक बताया गया। इसके अलावा केबी व्यास ने अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में प्रथम सत्र का मंच संचालन भी किया, जिसमें मॉरीशस, यूएई, कतर, थाईलैंड, नेपाल, सिंगापुर आदि के कवियों ने अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं ।
कुल मिला कर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में चार हिंदी शिक्षण के सत्र हुए तथा इनमें नवाचार और संभावनाएँ इस विषय पर प्रबुद्ध लोगों ने अपने विचार रखे । इस मौके पर भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश वक्तव्य भी श्रीमती अपर्णा गणेशन, जो मॉरीशस में भारतीय उप उच्चायुक्त हैं, के द्वारा पढ़ा गया ।
कार्यक्रम में मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखुल भी शामिल हुए उनके समक्ष मॉरीशस के लोक गीतों पर आधारित कार्यक्रम हुए और इंडियन काउंसिल ऑफ़ कल्चरल रिलेशन की ओर से 15 मिनट की “सात चक्र” नामक नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत की जिसने सभी दर्शकों ने बहुत सराहा । दूसरे दिन समापन समारोह में मॉरीशस के शिक्षा मंत्री डॉ. महेन्द्र गंगाप्रसाद भी उपस्थित रहे और उनके समक्ष आईसीसीआर के सदस्यों ने “ गंगा अवतरण” नामक नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत की, जिसने सभी दर्शकों को भावुक कर दिया । शिक्षा मंत्री ने ने दो दिवसीय कार्यक्रम में मॉरीशस के बाहर से आए सभी 12 प्रतिभागियों को प्रमाण – पत्र भी प्रस्तुत किए।







