पंकज जांगिड़. जोधपुर
चांदणा भाकर, ज्योति नगर स्थित दादू कुटिया द्वितीय में कुटिया के महंत सत्यराम दास के सान्निध्य और महंत राजेन्द्र दास व साध्वी ऊषा गिरी के संत समागम में सत्संग का आयोजन हुआ। सत्संग के दौरान संतवाणी के साथ सत्संग की महिमा बताते हुए कहा कि सत्संग का अर्थ है ‘सत्य की संगति’, जिसमें संत-महात्माओं के सान्निध्य में सत्य, धर्म और आध्यात्मिकता पर चर्चा, प्रवचन, भजन-कीर्तन और शास्त्र-चिंतन किया जाता है, जिससे मन शुद्ध होता है, विवेक जागृत होता है और जीवन को सही दिशा मिलती है। यह केवल सुनना नहीं, बल्कि ज्ञान को जीवन में उतारना है, जो आत्म-विकास और शांति प्रदान करता है। सामर्थ्य सन्तोंं का सान्निध्य मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। इस दौरान अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।




