Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 1:56 am

Thursday, July 9, 2026, 1:56 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

महाराणा प्रताप के मूल्य जीवन प्रबंधन हेतु आज के दौर में भी प्रासंगिक व अनुकरणीय : डॉ. गौरव बिस्सा

एमजीएसयू इतिहास विभाग में मनाया महाराणा प्रताप बलिदान दिवस

मुकुंद व्यास. बीकानेर 

महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा महाराणा प्रताप बलिदान दिवस मनाया गया। जिसमें बोलते हुए मुख्य वक्ता प्रबंधन गुरु इंजीनियरिंग कॉलेज के डॉ. गौरव बिस्सा ने कहा कि प्रताप के जीवन से आज भी विद्यार्थी जीवन प्रबंधन के गुर सीख सकते हैं। मूल्यों को जीवित रखते हुए सम्मानजनक शांति, सामान्य वर्ग के साथ समन्वय व महिलाओं के प्रति सम्मान का उल्लेखनीय उदाहरण महाराणा प्रताप रहे। अपने उद्बोधन में डॉ. बिस्सा ने आज के शिक्षार्थियों के इतिहासबोध की कमी पर भी चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से प्रताप जैसे शूरवीरों की जीवनियां पढ़ने का आह्वान किया।

इससे पूर्व स्वागत उद्बोधन में विषय प्रवर्तन करते हुए इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप ने स्वतंत्रता व स्वराज्य के सिद्धांत को ऐसे समय में जीवित रखा जब अधिकांश क्षेत्रीय ताकतों ने अपनी सत्ता, वैभव और सुख सुविधाओं के लिए मुग़ल अधीनता स्वीकार कर ली थी। प्रताप का जीवन सिखाता है कि कष्ट का जीवन अपमान के साथ सुख से कहीं अधिक श्रेष्ठ है और इसी प्रवृत्ति के कारण महाराणा प्रताप आज तक भारतीय सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। विधि विभाग के विद्यार्थी बैरिशाल सिंह नीमराना ने प्रताप के जीवन पर आधारित गीत मंच से गाया ।

महाराणा प्रताप के बलिदान को याद करते हुए अतिथियों व विद्यार्थियों द्वारा उनके चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का संचालन रिंकू जोशी द्वारा किया गया तो धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गोपाल व्यास द्वारा दिया गया। आयोजन में विभाग के डॉ. रीतेश व्यास, डॉ. खुशाल पुरोहित, भगवान सुथार, जसप्रीत सिंह, किरण, रामोवतार उपाध्याय, तेजपाल भारती, बजरंग कलवानी व उमेश पुरोहित आदि शामिल रहे।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor