केडी इसरानी. स्वतंत्र पत्रकार. जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आपसी सहमति से होने वाले तलाक (मुबारत) को लेकर अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब पति-पत्नी दोनों तलाक के लिए सहमत हों, तो फैमिली कोर्ट को तकनीकी अड़चनें नहीं डालनी चाहिए। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेड़ता फैमिली कोर्ट का वह आदेश रद्द कर दिया। जिसमें एक मुस्लिम दंपती को मुबारत तलाक की अनुमति देने से इनकार किया गया था। रिपोर्टेबल जजमेंट में कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह मामला मियां-बीवी राजी, नहीं मान रहा काजी’ जैसी स्थिति दर्शाता है।








