केडी इसरानी. जोधपुर
हाईकोर्ट में जज के साथ कहासुनी से जुड़े मामले में फंसे वकील को सुप्रीम कोर्ट से फटकार मिली है। वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी हुआ था, जिसके बाद उन्होंने शीर्ष न्यायालय का रुख किया था।
मामले की सुनवाई कर रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अदालत में चेतावनी दी और कहा कि अगर वह आंख दिखाना चाहते हैं, तो हम भी देख लेंगे वह क्या कर लेंगे।
मामला बीते साल 16 अक्तूबर, झारखंड हाईकोर्ट का है। एक मामले में सुनवाई के दौरान एडवोकेट महेश तिवारी ने जस्टिस राजेश कुमार को सीमा पार नहीं करने के लिए कह दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी हुआ। इस नोटिस के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जहां उन्हें सीजेआई की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJI ने कहा, ‘वह सुप्रीम कोर्ट से आदेश सिर्फ यह दिखाने के लिए चाहते हैं कि क्या बिगाड़ लिया मेरा।’ उन्होंने एडवोकेट को नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आने पर भी फटकार लगाई। उन्होंने कहा, ‘अगर वह माफी मांगना चाहते हैं, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए…। अगर वह जजों को आंख दिखाना चाहते हैं, तो दिखाएं। हम भी यहां बैठे हैं और फिर हम भी देख लेंगे।’
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से कहा है कि अगर वकील माफी मांग लेते हैं, तो उनके प्रति सहानुभूति रखी जाए।



