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Thursday, July 9, 2026, 3:26 am

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जैसलमेर बॉर्डर से जासूस पकड़ा:पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था ई-मित्र संचालक; जयपुर में सीआईडी-इंटेलिजेंस कर रही पूछताछ

केडी इसरानी. स्वतंत्र पत्रकार. जोधपुर 

गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जैसलमेर से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया। सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के संकेत मिले हैं। युवक बॉर्डर एरिया में ई-मित्र चलाता था। आरोप है कि वह पाकिस्तानी महिला हैंडलर के संपर्क में था और हनीट्रेप में फंसकर सामरिक महत्व की जानकारी साझा की है।

सीआईडी-इंटेलिजेंस की टीम फिलहाल आरोपी झाबराराम पुत्र भानाराम मेघवाल निवासी नेहड़ान को पूछताछ के लिए जयपुर ले गई है। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 4 साल से गांव में ई-मित्र केंद्र का संचालन कर रहा था। आरोपी के कंप्यूटर और मोबाइल को भी फोरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।

राजस्थान में 1 हजार किलोमीटर से लंबा इंटरनेशनल बॉर्डर है। जिसके सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ के पास है। गणतंत्र दिवस समारोह पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। राजस्थान में 1 हजार किलोमीटर से लंबा इंटरनेशनल बॉर्डर है। जिसके सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ के पास है। गणतंत्र दिवस समारोह पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं।

पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में होने का संदेह

जानकारी के अनुसार- झाबराराम चार साल से नेहड़ान में ई-मित्र चलाता है। उसकी पहुंच सरकार से जुड़ी कई योजनाओं के साथ- साथ कई गोपनीय दस्तावेज तक थी। आशंका है कि झाबराराम सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी महिला के संपर्क में था। उसके साथ ‘हनीट्रैप’ होने की भी आशंका है, जिसके कारण उसने सामरिक महत्व की जानकारियां साझा कीं। हालांकि, इसकी अभी तक किसी भी सुरक्षा एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार- हनी-ट्रेप में पैसों का लालच देकर गोपनीय जानकारियां हासिल की जाती हैं। ऐसे में पता लगाया जा रहा है कि उसने पाकिस्तानी महिला को पैसों के लालच में जानकारियां भेजी या फिर उस पर किसी प्रकार का दबाव था।

25 जनवरी की देर रात हुई कार्रवाई

नेहड़ान गांव के निवासियों के अनुसार- 25 जनवरी की रात को बाहर से आई एक विशेष टीम झाबराराम के घर पहुंची और उसे अपने साथ ले गई। कार्रवाई के बाद गांव में हड़कंप मच गया। फिलहाल, पुलिस और इंटेलिजेंस इस मामले में बेहद गोपनीयता बरत रही है, जिससे नेटवर्क से जुड़ी अन्य कड़ियों को प्रभावित होने से बचाया जा सके।

पाकिस्तान जासूसों से क्या डिमांड करता है?

एक्सपर्ट के अनुसार युद्ध के समय हर छोटी से छोटी जानकारी दुश्मन देश के लिए महत्वपूर्ण होती है। जासूस सीमावर्ती क्षेत्रों में हर तरह की जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों को शेयर करते हैं। सेना का मूवमेंट : सबसे महत्वपूर्ण जानकारी सेना की मूवमेंट से लेकर उनके ठिकानों की साझा करते हैं। साथ ही सैन्य स्ट्रक्चर, तैनाती, फेंसिंग, बीओपी आदि की लोकेशन, फोटो और डिटेल साझा करते हैं। ऐसी डिटेल शेयर करने वाले कई जासूसों को बीएसएफ की जानकारी, मुखबिर की जानकारी पर पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ा है। ब्रिज, सैन्य ठिकाने और सैन्य सड़कों का नेटवर्क : अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगते क्षेत्रों में बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन हो या सैन्य संबंधी कोई कंस्ट्रक्शन, साथ ही अंडर ब्रिज, ऑवर ब्रिज, सड़क आदि के निर्माण की डिटेल भी जासूस पाकिस्तान में शेयर करते हैं। स्कूल, हॉस्टल, बिल्डिंग्स : जासूसों से आर्मी एरिया में स्थापित स्कूल, हॉस्टल और अन्य एडमिन बिल्डिंग की फोटो व लोकेशन की डिमांड की जाती है। सीमावर्ती क्षेत्र में मोबाइल टावर की लोकेशन उसकी फोटो आदि भी यह जासूस पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों को साझा करते हैं।….

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor