इस बजट का कुल आकार लगभग ₹53.5 लाख करोड़ है और इस वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) को रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन को बल मिलेगा।
राखी पुरोहित. जोधपुर
बजट 2026 की हर क्षेत्र में तारीफ की जा रही है। आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ डॉ. रामानंद काबरा का कहना है कि भारत फ़िर एक नई उड़ान भरेगा। आज Union Budget 2026-27 भारत का केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया, जिसमें विकास, आर्थिक वृद्धि और देश को 2047 में विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को केंद्र में रखा गया है। इस बजट का कुल आकार लगभग ₹53.5 लाख करोड़ है और इस वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) को रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन को बल मिलेगा।
बजट में टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन compliance को आसान बनाते हुए टीडीएस-टीसीएस नियमों में सुधार प्रस्तावित हैं। आम लोगों के लिए यह बजट तकनीकी प्रगति और रोज़गार पर जोर देता है, तथा डिजिटल और निर्यात-उन्मुख उद्यमों को सहायता प्रदान करेगा।
कृषि क्षेत्र के लिए लगभग ₹1.62 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसमें किसान आय बढ़ाने, उच्च-मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहन और मत्स्य पालन तथा पशुपालन जैसे संबद्ध क्षेत्रों में विकास शामिल है। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा और ग्रामीण रोजगार योजनाओं को सुदृढ़ करने के प्रावधान हैं।
बजट में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, बायोफार्मा हब और तकनीकी क्षेत्रों के लिए विशेष निवेश योजनाएँ शामिल हैं, जिससे भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी और विनिर्माण केंद्र बनाने की रणनीति को बल मिलेगा।
कुल मिलाकर यह बजट विकास, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है, जिससे आर्थिक वृद्धि तेज होगी और सामूहिक समृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।
बजट 2026 से युवाओं को एआई से मिलेंगे विश्व स्तर के अवसर, महंगाई नियंत्रण में रहेगी : मुकेश बंसल
वित्त सलाहकार और भारतीय कंपनी संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष सीएस मुकेश बंसल ने कहा कि बजट 2026 से युवाओ को एआई में विश्व स्तर के अवसर मिलेंगे। महंगाई नियंत्रण में रहेगी। बजट 2026 में डाटा सेंटर भारत में लगेंगे, एआई के लिए यूनिवर्सिटीज में मौके तैयार होंगे और सरकार द्वारा खर्चों पर नियंत्रण से महंगाई नियंत्रण में रह्रेगी।
गोल्ड sovergein बांड में अब भुगतान लेने पर लगेगा कैपिटल गेन टैक्स, जो सही नहीं है. कैपिटल मार्केट में कुछ और राहतों और प्रोत्साहन की जरूरत थी. हालांकि ऍफ़एंडऔ में टैक्स बढ़ने से अनावश्यक सट्टेबाजी पर रोक लगेगी। सभी बाय बैक पर टैक्स लगेगा।.इन्फ्रा पर बजट बढाने से सभी वर्ग में रोजगार बढ़ेंगे।
कुछ खास बातें :
1. नागरिक प्रशिक्षण और अन्य विमान निर्माण में इस्तेमाल होने वाले घटक और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को छूट देंगे।
2. विदेश यात्रा और पढ़ाई पर टैक्स में राहत दी है। विदेश यात्रा करने वालों के लिए खुशखबरी है. विदेशी टूर पैकेज पर टैक्स (TCS) को 5%-20% से घटाकर 2% कर दिया गया है, और अब कोई न्यूनतम राशि की शर्त नहीं होगी.
3. सरल इनकम टैक्स फॉर्म्स जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे.
4. अब टैक्सपेयर्स अपने संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दसंबर 31 की बजाय 31 मार्च तक दाखिल कर सकेंगे, बस मामूली शुल्क का भुगतान करना होगा.
5, पीएसयू, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, फाइनेंस और डिफेंस जैसे सभी सेक्टरों को फायदा. और इससे देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत हो रही है.
6, एआई जैसी तकनीकों को युवाओं, किसानों, STEM में महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी बनाने पर जोर गया है.
7.स्किलिंग और री-स्किलिंग के लिए बजटीय प्रावधान कर विस्थापित श्रमिकों की जरूरतों को भी संबोधित किया गया है.
8.बजट में नीति की स्थिरता को भी जरूरी माना गया है, ताकि तकनीकी प्रगति लंबे समय तक बनी रहे.
9.डीप-टेक को समावेशी विकास का साधन मानते हुए रिसर्च एंड डेवलपमेंट, रेयर अर्थ, सेमीकंडक्टर और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने का साफ रोडमैप दिखता है, जिससे भारत इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन सके.”
10.10,000 करोड़ की बायो-फार्मा शक्ति पहल की घोषणा इस क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर है.
11. केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने MSME सेक्टर को मज़बूत करने पर खास ध्यान दिया है. इससे देश की घरेलू पर्सनल केयर और हाइजीन ब्रांड्स को बड़ा फायदा मिल सकता है. घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, आसान फाइनेंस और कारोबार को बढ़ाने पर ज़ोर से आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूती मिलेगी.
12. बजट 2026 में शिक्षा को अर्थव्यवस्था के केंद्र में रखा गया है और ऐसे कुशल युवाओं को तैयार करने पर ज़ोर दिया गया है जो सीधे रोज़गार के लिए तैयार हों. पढ़ाई के तरीकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, रोबोटिक्स और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) व वर्चुअल रियलिटी (वीआर) जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल यह दिखाता है कि सरकार मानती है कि भविष्य की ज़रूरी क्षमताएँ बचपन से ही, एक तय योजना के तहत और बड़े स्तर पर विकसित की जानी चाहिए।
बजट 2026 में दुर्लभ खनिजों पर जोर, भारत के हाई-टेक इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती : डॉ. स्मिता शाह
नई दिल्ली। डॉ. स्मिता शाह, सदस्य, नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड, वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार, ने केंद्रीय बजट 2026 पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दुर्लभ पृथ्वी खनिजों पर सरकार का विशेष ध्यान भारत के लिए मजबूत और आत्मनिर्भर हाई-टेक इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
दुर्लभ खनिज सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा तकनीकों में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके घरेलू स्रोतों और प्रसंस्करण को मजबूत करने से आयात पर निर्भरता कम होगी और सप्लाई चेन सुरक्षित होगी।
बजट का यह फोकस मेक इन इंडिया पहल को गति देगा, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने को बढ़ावा देगा और उन्नत विनिर्माण क्षमता मजबूत करेगा, जिससे भारत भविष्य के लिए तैयार और आत्मनिर्भर बनेगा।
रक्षा सुरक्षा को छोड़कर अन्य किसी विषय पर ठोस प्रावधान नहीं किए : प्रवीण मैढ़
प्रवीण मैढ, सेवानिवृत्ति समूह शाखा प्रबंधक, बैंकिंग विशेषज्ञ जोधपुर ने बताया कि वार्षिक बजट का अर्थ मात्र आय-व्यय की विवरणिका तैयार करना अथवा जनकल्याण की योजनाओं का घोषणा करना नहीं है अपितु इन योजनाओं के लिए निश्चित समयावधि में धन आवंटित कर उन्हें निर्धारित समय में पूर्ण करना होता है । बजट में रक्षा सुरक्षा को छोड़कर अन्य किसी भी विषय पर ठोस प्रावधान नहीं किए गए चाहे वह रोजगार की समस्या अथवा 2020 में लागू की गई नई शिक्षा नीति के सफल कार्यान्वयन हेतु यथेष्ठ प्रावधान, यहां तक की राष्ट्र की महत्वपूर्ण कार्य करने के अधिकार को प्रबल करने वाली मनरेगा योजना में भी राज्य सरकार पर बोझ डाल दिया गया। राष्ट्र के सर्वांगीण विकास हेतु मूल रूप से शिक्षा चिकित्सा सुरक्षा उन्नत कृषि आवागमन के उन्नत साधन उद्योग व्यापार एवं रोजगार आधार स्तंभ होते हैं, जहां वादे, विश्लेषण,चर्चा अधिक है आवंटन कम है। राजस्थान भू भाग एवं भू संपदा भंडार की दृष्टि से पूरे देश में श्रेष्ठ स्थान रखता है। राज्य पर्यटन,खेल एवं लोक संस्कृति संरक्षण के उत्थान की कोई विशेष , विशिष्ट योजना एवं धन का आवंटन नहीं हुआ निराशा हुई।






