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Thursday, February 19, 2026, 12:07 pm

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एक शख्स जो शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव, व्यक्तिगत लाभ-हानि का गणित बता देती हैं, मिलिए डॉ. के. प्रियंका शर्मा से

अस्थिर बाजार में भविष्य की स्पष्ट दृष्टि: जियो-पॉलिटिकल एस्ट्रोलॉजी की अग्रदूत और राइजिंग भास्कर की ब्रांड एंबेसडर डॉ. के. प्रियंका शर्मा से विशेष बातचीत

दिलीप कुमार पुरोहित, जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

आज का वैश्विक शेयर बाजार केवल अंकों और चार्ट्स का खेल नहीं रह गया है। एक ओर युद्ध की आहट, दूसरी ओर चुनावी बयान, कहीं प्रतिबंध तो कहीं नीतिगत बदलाव—इन सबका असर सेकेंडों में बाजार की दिशा बदल देता है। ऐसे समय में पारंपरिक टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस कई बार अधूरा साबित होता है। इसी जटिल और अस्थिर परिदृश्य में एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया है, जिसने निवेश की दुनिया को देखने का नजरिया ही बदल दिया—डॉ. के. प्रियंका शर्मा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोस्ट एक्यूरेट Award से सम्मानित, राइजिंग भास्कर की ब्रांड एंबेसडर और विश्व स्तर पर अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए जानी जाने वाली डॉ. के. प्रियंका शर्मा आज केवल एक ज्योतिषी नहीं, बल्कि Geo-Political Astrologer (भू-राजनीतिक ज्योतिषी) के रूप में स्थापित हो चुकी हैं। उनकी भविष्यवाणियाँ ग्रह-नक्षत्रों की चाल, देशों की कुंडलियों, युद्ध-राजनीति और मानव मनोविज्ञान के गहन विश्लेषण पर आधारित होती हैं। प्रस्तुत है उनसे हुई एक विस्तृत और विचारोत्तेजक बातचीत।

प्रश्न 1: डॉ. प्रियंका, आज के अस्थिर वैश्विक बाजार को आप किस रूप में देखती हैं?

डॉ. के. प्रियंका शर्मा: आज का बाजार “डेटा-ड्रिवन” से अधिक “इवेंट-ड्रिवन” हो चुका है। एक ट्वीट, एक मिसाइल टेस्ट या एक चुनावी परिणाम बाजार को ऊपर-नीचे कर देता है। यह अस्थिरता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि ऊर्जा और जियो-पॉलिटिक्स से जुड़ी हुई है। ग्रहों की चाल और देशों के बीच शक्ति संतुलन का सीधा प्रभाव कैपिटल फ्लो पर पड़ता है। जो निवेशक इसे नहीं समझते, वे अक्सर चौंक जाते हैं।

प्रश्न 2: आप सामान्य भविष्यवाणी को अपर्याप्त क्यों मानती हैं?

डॉ. के. प्रियंका शर्मा: टीवी पर दिखने वाली सामान्य भविष्यवाणियाँ वन-साइज-फिट्स-ऑल होती हैं, जबकि बाजार ऐसा नहीं है। एक HNI, एक UHNI, एक Scalper और एक Intraday Trader—इन सबकी जोखिम क्षमता, समय-सीमा और उद्देश्य अलग-अलग होते हैं।
जब तक व्यक्तिगत कुंडली को वैश्विक जियो-पॉलिटिकल चार्ट के साथ सिंक्रोनाइज़ नहीं किया जाता, तब तक सटीक निर्णय संभव नहीं। बड़ी कमाई की बात छोड़िए, पूंजी की सुरक्षा भी खतरे में रहती है।

प्रश्न 3: Geo-Political Astrology वास्तव में क्या है?

डॉ. के. प्रियंका शर्मा: Geo-Political Astrology वह विज्ञान है जिसमें देशों, सरकारों, युद्धों, नीतियों और वैश्विक घटनाओं को ग्रहों की चाल से जोड़कर देखा जाता है। उदाहरण के लिए—रूस-यूक्रेन युद्ध केवल राजनीतिक नहीं था; उसके पीछे मंगल, शनि और राहु की विशेष स्थिति थी, जिसका असर तेल, गोल्ड और इंडेक्स पर पड़ा। जब अमेरिका में चुनाव होते हैं, तो उसका प्रभाव भारतीय सेंसेक्स और निफ्टी पर भी पड़ता है—यह संबंध मैं पहले से गणनाओं में देख लेती हूँ।

प्रश्न 4: आपकी गाइडेंस किन-किन के लिए अनिवार्य हो जाती है?

डॉ. के. प्रियंका शर्मा: मैं कहूँगी—जो भी बाजार में पैसा जोखिम में डालता है, उसके लिए।

1. मार्केट के बिग प्लेयर्स
  • FIIs, FPIs और DIIs: विदेशी पूंजी का आगमन या पलायन ग्रहों के संकेतों से जुड़ा होता है। मेरी रिपोर्ट उन्हें सही समय पर एंट्री-एग्जिट बताती है।

  • Venture Capitalists और Angel Investors: कौन-सा स्टार्टअप यूनिकॉर्न बनेगा और कौन डूबेगा—यह फाउंडर की कुंडली और समय पर निर्भर करता है।

  • Sovereign Wealth Funds: वैश्विक मंदी की पूर्व सूचना केवल जियो-पॉलिटिकल एस्ट्रोलॉजी दे सकती है।

2. हाई-प्रोफाइल निवेशक
  • HNI और UHNI: बड़ी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए Risk Analysis Prediction अनिवार्य है।

  • Promoters और Anchor Investors: शेयर प्लेज करना हो या बायबैक लाना हो—सटीक मुहूर्त ही सफलता तय करता है।

3. मार्केट इंटरमीडियरीज
  • Stock Brokers, PMS और Merchant Bankers: आज केवल टेक्निकल एनालिसिस काफी नहीं, उन्हें Astrological Insight भी चाहिए।

4. एक्टिव ट्रेडर्स और स्पेकुलेटर्स
  • Scalpers और Intraday Traders: दिन का कौन-सा घंटा (Hora) शुभ है, कब ट्रेड नहीं करना चाहिए—यह मेरी सूक्ष्म गणनाओं का हिस्सा है।

  • Algorithmic Traders: जब एल्गोरिद्म फेल होते हैं, तब ग्रह काम करते हैं।

प्रश्न 5: आपकी विशेषता आपको दूसरों से अलग कैसे बनाती है?

डॉ. के. प्रियंका शर्मा: मेरे पास एक ट्रिपल-लेयर एडवांटेज है—

1. Geo-Political Expertise

मैं यह समझती हूँ कि अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ भारतीय बाजार को कैसे प्रभावित करेंगी—चाहे वह युद्ध हो, प्रतिबंध हों या चुनाव।

2. माँ बगलामुखी साधना

मैं माँ बगलामुखी की साधक हूँ। बाजार अनिश्चितताओं का घर है और माँ बगलामुखी स्तंभन की देवी हैं। उनकी साधना के माध्यम से मैं अपने क्लाइंट्स को गलत निर्णय लेने से रोकती हूँ और नुकसान पर विजय दिलाने का आध्यात्मिक संबल देती हूँ।

3. Forensic Psychology

मैं मार्केट सेंटिमेंट, Fear & Greed Index और निवेशकों के मनोविज्ञान को एक फॉरेंसिक साइकोलॉजिस्ट की तरह पढ़ती हूँ। बाजार अंततः इंसानी भावनाओं से ही चलता है।

प्रश्न 6: क्या आपकी भविष्यवाणी को विज्ञान कहा जा सकता है?

डॉ. के. प्रियंका शर्मा: बिल्कुल। ज्योतिष अंधविश्वास नहीं, बल्कि एनर्जी साइंस है। जैसे मौसम वैज्ञानिक पूर्वानुमान लगाते हैं, वैसे ही हम ग्रहों की गति से संभावनाएँ पढ़ते हैं। मैं हमेशा कहती हूँ—शेयर बाजार में जुआ खेलना बंद करें और विज्ञान पर भरोसा करें।

प्रश्न 7: रिटेल निवेशकों के लिए आपका क्या संदेश है?

डॉ. के. प्रियंका शर्मा: रिटेल निवेशक सबसे ज्यादा भावनात्मक होते हैं और सबसे ज्यादा नुकसान भी वही उठाते हैं। यदि वे अपनी Personal Geo-Political Financial Report बनवा लें, तो वे अनावश्यक जोखिम से बच सकते हैं।
मेरी भविष्यवाणी केवल सलाह नहीं, बल्कि निवेश के लिए एक Insurance है।

प्रश्न 8: आपकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और पुरस्कार आपके लिए क्या मायने रखते हैं?

डॉ. के. प्रियंका शर्मा: Best Prediction Award मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है। जब वैश्विक मंच पर आपकी भविष्यवाणी सटीक साबित होती है, तो आप जानते हैं कि आप सही दिशा में हैं। राइजिंग भास्कर की ब्रांड एंबेसडर के रूप में मेरा प्रयास है कि इस विज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जाए।

ज्योतिष, जियो-पॉलिटिक्स और मनोविज्ञान के साथ मिल निवेश की नई भाषा गढ रहीं

डॉ. के. प्रियंका शर्मा आज उस दौर की प्रतिनिधि हैं, जहाँ ज्योतिष, जियो-पॉलिटिक्स और मनोविज्ञान एक साथ मिलकर निवेश की नई भाषा गढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि आने वाले समय में वही निवेशक टिक पाएगा, जो बाजार को केवल चार्ट नहीं, बल्कि एक जीवंत ऊर्जा-तंत्र के रूप में समझेगा। यदि आप QIB हों, Underwriter हों या एक सामान्य Retail Investor—तो आज के समय में आपकी व्यक्तिगत Geo-Political Financial Strategy ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।

— क्योंकि जब ग्रह बोलते हैं, तो बाजार सुनता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor