स्कूल लेक्चरर, बीकानेर का मामला
राइजिंग भास्कर. जोधपुर
राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण जोधपुर ने बीकानेर निवासी सुधा हर्ष जो कि वर्तमान में स्कूल लेक्चरर (ग्रह विज्ञान) के पद पर कार्यरत है निदेशक माध्यमिक शिक्षा के स्थानांतरण आदेश दिनांक 10.01.2026 व कार्यमुक्ति आदेश दिनांक 10.01.2026 पर आगामी आदेश तक रोक लगायी।
सुधा हर्ष जो वर्तमान में राजकीय बालिका सीनियर सैण्डरी स्कूल बारहगुवाड में स्कूल लेक्चरर के पद पर कार्यरत है व सुधा जो मस्तिष्क ज्वर सबंधी बीमारी से ग्रसित है तथा उसे मस्तिष्क टी.बी. सम्बंधी गंभीर बीमारी भी है। बीमारी के संदर्भ में सक्षम चिकित्सक द्वारा प्रमाण पत्र भी जारी किया हुआ है, इसके बावजूद भी उसका निदेशक माध्यमिक शिक्षा द्वारा वर्तमान स्थान से हीरा बाई गटटानी राजकीय बालिका विधालय नोखा बीकानेर दिनांक 10.01.2026 से स्थानांतरण किया गया एंव दिनांक 10.01.2026 को ही उसे कार्यमुक्त भी कर दिया।
शिक्षा विभाग की स्थानांतरण संबधी दिशा निर्देशो जो दिनांक 14.7.2022 को जारी किये गये उन दिशा निर्देशो में यह स्पष्ट उल्लेखित है कि गंभीर बीमारी (मस्तिष्क सबंधी बीमारी, किडनी ट्रासंप्लाट, हद्रय रोग संबधी) वाले कर्मचारियो का स्थानांतरण नही किया जायेगा। सुधा हर्ष का स्थानांतरण दिनांक 10.01.2026 को जारी किया गया व 10.01.2026 को विभाग द्वारा उसे कार्यमुक्त कर दिया गया। स्थानांतरण व कार्यमुक्ति आदेश से व्यथित होकर अपीलार्थी ने एक अपील राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण के समक्ष अपने अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा व नीता छंगाणी के माध्यम से प्रस्तुत की।
अधिकरण के समक्ष अधिवक्ता का यह तर्क था कि जब शिक्षा विभाग का मध्यवर्ती सत्र चल रहा है व शिक्षा विभाग द्वारा स्थानांतरण सबंधी दिशा निर्देश जो दिनांक 14.7.2022 को जारी किये गये उसमे यह स्पष्ट प्रावधान है कि गंभीर बीमारी से ग्रसित कर्मचारियो का स्थानांतरण नही किया जायेगा। उसके बावजूद भी अपीलार्थी का स्थानांतरण किया गया है। उनका स्थानांतरण नही किया जाना चाहिए था क्योकि अपीलार्थी मस्तिष्क ज्वर से एवं मस्तिष्क में टी.बी नामक बीमारी से ग्रसित है। प्रार्थीनी के अधिवक्ता के तर्को से सहमत होते हुए अधिकरण ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया तथा प्रार्थीनी के स्थांनातरण आदेश दिनांक 10.01.2026 व कार्यमुक्ति आदेश दिनांक 10.01.2026 पर अधिकरण ने शिक्षा विभाग के स्थानातरण आदेश पर आगामी आदेश तक रोक लगायी।








