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Sunday, August 23, 2026, 6:37 am

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“छह दिवसीय रंगयात्रा ‘मोहन राकेश के तीन सफ़े’ 13 से होगा प्रारंभ “

थिएटर सेल जेएनवीयू में मोहन राकेश के तीन नाटकों के होंगे 12 मंचन

शिव वर्मा. जोधपुर 

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के थिएटर सेल स्टूडियो में 13 से 18 फ़रवरी 2026 तक हिंदी रंगमंच के शिखर पुरुष मोहन राकेश को समर्पित छह दिवसीय भव्य रंगयात्रा ‘मोहन राकेश के तीन सफ़े’ का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष रंग-उत्सव में प्रतिदिन दो प्रस्तुतियाँ होंगी, जिन्हें थिएटर सेल के प्रशिक्षित और अनुशासित छात्र कलाकार मंचित करेंगे।

आधुनिक हिंदी नाटक को नई दिशा, नई दृष्टि और नई संवेदना देने वाले मोहन राकेश ने अपने सृजन से रंगभाषा, चरित्र-निर्माण और अंतर्द्वंद्व की अभिव्यक्ति को एक विशिष्ट ऊँचाई प्रदान की। उनके नाटकों का पुनर्पाठ और पुनर्स्मरण वस्तुतः भारतीय रंगपरंपरा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना है। छह दिनों तक उनकी नाट्य-साधना का उत्सव मनाना एक सच्ची श्रद्धांजलि है।

रंगोत्सव के प्रथम दो दिनों में कालजयी कृति ‘आषाढ़ का एक दिन’ का मंचन प्रख्यात रंगकर्मी बी. एम. व्यास के निर्देशन में होगा। इसके बाद अगले दो दिनों तक पारिवारिक विघटन और अस्तित्वगत बेचैनी को तीव्रता से उभारने वाला नाटक ‘आधे अधूरे’ डॉ. हितेंद्र गोयल के सधे हुए और प्रभावी निर्देशन में प्रस्तुत किया जाएगा। अंतिम दो दिनों में ‘लहरों के राजहंस’ पुनः बी. एम. व्यास के सशक्त निर्देशन में दर्शकों के समक्ष आएगा।

विश्वविद्यालय के कुलपति ने इस आयोजन पर प्रसन्नता और गर्व व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, कला-रसिकों और शहरवासियों से इस अद्वितीय रंगपर्व के साक्षी बनने की अपील की है। उनके अनुसार, इस प्रकार के आयोजन न केवल युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करते हैं। थिएटर सेल द्वारा तैयार यह रंगयात्रा अनुशासन, साधना और सृजनात्मक समर्पण का परिणाम है। सभी नाट्यप्रेमियों से आग्रह है कि वे अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर हिंदी रंगमंच की इस गौरवशाली परंपरा का उत्सव मनाएँ।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor