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Thursday, July 9, 2026, 1:13 am

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पोखरण एयर टू ग्राउंड रेंज में वायुशक्ति-26 अभ्यास 27 फरवरी को

सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे प्रभावी प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई की प्रतीक है भारतीय वायुसेना

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

सबसे पहले, सबसे तेज़ और सबसे प्रभावी प्रतिक्रियात्‍मक कार्रवाई करने वाली भारतीय वायु सेना, दुश्मन पर त्‍वरित मार करने, आरंभ से ही हावी होने और सामरिक कार्रवाई को रणनीतिक तौर पर अंजाम देने की अपनी क्षमता प्रदर्शित करेगी। अभ्यास में यह भी प्रदर्शित होगा कि भारतीय वायु सेना देश के भीतर और विदेशों में संघर्ष क्षेत्रों में त्वरित हवाई सहायता और बचाव एवं निकासी प्रदान कर मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका किस तरह निभाती है  वायुसेना युद्धाभ्यास में तेजस, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30एमकेआई, मिग-29, हॉक, सी-130जे, सी-295, सी-17, चेतक, एएलएच एमके-IV, मि-17 IV, एलसीएच, अपाचे, चिनूक और रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सहित युद्धक परिवहन और हेलीकॉप्टर सहित वायुसेना के कई विमान शामिल होंगे। अभ्यास में शॉर्ट रेंज लॉइटरिंग मुनिशन्स, आकाश, स्पाइडर और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (सीयूएएस) जैसे उन्नत हथियार प्रणालियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जिनमें दिन, शाम और रात में मिशन संचालित किए जाएंगे।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता दर्शाई जाएगी : 

वायुशक्ति-26 ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भी दर्शाएगा, जो हवाई क्षेत्र में प्रभुत्व, लंबी दूरी तक सटीकता से मार करने, बहु-क्षेत्रीय अभियानों और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना से निर्देशित स्वदेशी प्लेटफार्मों द्वारा निर्णायक प्रभावकारी क्षमता संपन्‍न भारतीय वायु सेना की श्रेष्ठता की पुष्टि करता है। “अचूक, अभेद्य और सटीक ” के मूल मूल्यों से प्रेरित यह अभ्यास, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के एक प्रमुख घटक के रूप में भारतीय वायु सेना की भूमिका की पुष्टि कर राष्ट्र को सुरक्षित रखने के प्रति आश्वस्त कराएगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor