राखी पुरोहित. जोधपुर
समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय बाबा रामदेव समाज सेवा संस्थान की ओर से स्थानीय रक्तशाला में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का उद्देश्य अस्पतालों में रक्त की कमी को दूर करना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष करण सिंह राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर उपलब्ध रक्त किसी जीवन को नया अवसर दे सकता है। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि हर नागरिक वर्ष में कम से कम एक बार स्वेच्छा से रक्तदान अवश्य करे, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की कमी जैसी समस्या सामने न आए।
शिविर के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की विशेष टीम की देखरेख में रक्तदान की पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। रक्तदाताओं का पहले स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, उसके बाद योग्य पाए गए दाताओं से रक्त लिया गया। साथ ही सभी रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जिससे लोगों में उत्साह और बढ़ा।
शिविर में सबसे उल्लेखनीय बात युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। कॉलेज और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े युवाओं ने समूह बनाकर रक्तदान किया और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया। कई ऐसे दाता भी शामिल हुए जिन्होंने पहली बार रक्तदान किया और भविष्य में नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प लिया। उपस्थित चिकित्सकों ने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा रक्तदान करने से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती, बल्कि यह शरीर के लिए भी लाभकारी होता है क्योंकि इससे नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण तेजी से होता है।
आयोजकों ने बताया कि संस्थान द्वारा समय-समय पर विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। गर्मी के मौसम और त्योहारों के दौरान अक्सर रक्त की कमी हो जाती है, इसलिए ऐसे शिविरों का आयोजन समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान पदाधिकारियों ने सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्य सफल हो पाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं भी रक्तदान करें और अपने मित्रों तथा परिवारजनों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि “रक्त की कमी से किसी की जान न जाए” का संकल्प साकार हो सके।



