गौतम राज नवल काकू ने लंबे समय से राजस्थानी भाषा के प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन तथा लोकभाषा को जनमानस तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इसी समर्पण और सेवाभाव को देखते हुए चयन समिति ने सर्वसम्मति से उनका नाम इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए अनुमोदित किया।
“हाजी जफर खां सिंधी राजस्थानी पुरस्कार” उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने राजस्थानी भाषा, साहित्य, लोककला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस पुरस्कार का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और लोकसंस्कृति के प्रति जागरूक करना तथा समाज में भाषाई अस्मिता को सशक्त बनाना है।
गौतम राज नवल ‘काकू’ लंबे समय से आकाशवाणी से जुड़े हुए हैं और उन्होंने अपने कार्यक्रमों के माध्यम से राजस्थानी भाषा की समृद्ध परंपरा, लोकगीतों, लोककथाओं और सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। उनकी प्रभावशाली वाणी और सरल शैली ने श्रोताओं के बीच उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
राजस्थानी भाषा और लोक संस्कृति के संरक्षण एवं प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक गौतम राज नवल ‘काकू’ को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित “हाजी जफर खां सिंधी राजस्थानी पुरस्कार” के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मान पूर्व नरेश गजसिंह की प्रेरणा से महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध केन्द्र और बाबा रामदेव शोधपीठ जयनारायण व्यास विवि की ओर से प्रदान किया जाएगा, जो राजस्थानी भाषा-साहित्य और शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
शोध केन्द्र की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह पुरस्कार मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की प्रेरणा और सहयोग से प्रदान किया जा रहा है। संस्थान ने बताया कि गौतम राज नवल काकू ने लंबे समय से राजस्थानी भाषा के प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन तथा लोकभाषा को जनमानस तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इसी समर्पण और सेवाभाव को देखते हुए चयन समिति ने सर्वसम्मति से उनका नाम इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए अनुमोदित किया।
पत्र में उल्लेख है कि यह सम्मान “विश्व मायड़ भाषा दिवस” के अवसर पर 21 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा। जिसमें विभिन्न साहित्यकार, विद्वान, शोधकर्ता और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। पुरस्कार वितरण समारोह जोधपुर स्थित होटल चंद्रा इम्पीरियल में प्रातः 11 बजे आयोजित किया जाएगा।
संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि “हाजी जफर खां सिंधी राजस्थानी पुरस्कार” उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने राजस्थानी भाषा, साहित्य, लोककला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस पुरस्कार का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और लोकसंस्कृति के प्रति जागरूक करना तथा समाज में भाषाई अस्मिता को सशक्त बनाना है।
गौतम राज नवल ‘काकू’ लंबे समय से आकाशवाणी से जुड़े हुए हैं और उन्होंने अपने कार्यक्रमों के माध्यम से राजस्थानी भाषा की समृद्ध परंपरा, लोकगीतों, लोककथाओं और सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। उनकी प्रभावशाली वाणी और सरल शैली ने श्रोताओं के बीच उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के कारण वे जनसंपर्क और सांस्कृतिक संवाद के एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में भी जाने जाते हैं।
शोध केन्द्र के अधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि इस सम्मान से राजस्थानी भाषा के क्षेत्र में कार्य कर रहे अन्य रचनाकारों और सांस्कृतिक कर्मियों को भी प्रेरणा मिलेगी। साथ ही यह सम्मान क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के लिए समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।
राजस्थानी विभाग जयनारायण व्यास विवि के अध्यक्ष डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित और महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाशन शोध केंद्र मेहरानगढ़ के सहायक निदेशक डॉ. महेंद्रसिंह तंवर ने संस्थान की ओर से गौतम राज नवल काकू को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए समारोह में परिवार सहित उपस्थित होकर पुरस्कार ग्रहण करने का आमंत्रण भी दिया गया है। सांस्कृतिक जगत के लोगों ने भी उनके चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राजस्थानी भाषा और संस्कृति के लिए गौरव का क्षण बताया है।








