जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओंमकार वर्मा ने कहा कि वर्तमान में ना तो महापौर है और ना ही पार्षदगण। उनकी अनुपस्थिति में निगम के अधिकारियों को अभी आंशिक बजट घोषित करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के आला नेताओं के इशारों पर पूर्ण बजट घोषित किया है जो किसी भी तरीके से मान्य नहीं है।
केडी इसरानी. स्वतंत्र पत्रकार. जोधपुर
जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डाॅ.संजय गौड़ ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों ने निगम बजट 2026- 27 अपनी मनमर्जी के हिसाब से बनाया। कांग्रेस ने आम जनता से जुड़े हुए मुद्दों पर सुझाव दिया था लेकिन उन मुद्दों को पूरी तरीके से दरकिनार करते हुए अपनी मर्जी का बजट बनाया है।
जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओंमकार वर्मा ने कहा कि वर्तमान में ना तो महापौर है और ना ही पार्षदगण। उनकी अनुपस्थिति में निगम के अधिकारियों को अभी आंशिक बजट घोषित करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के आला नेताओं के इशारों पर पूर्ण बजट घोषित किया है जो किसी भी तरीके से मान्य नहीं है। वर्तमान में विधानसभा सत्र भी चल रहा है, जिसके चलते जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी भी इस बजट में सुनिश्चित नहीं की गई है। कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में जोधपुर से जुड़ी हुई आम समस्याओं से संबंधित पत्र लिखकर मांग की थी, लेकिन उस पर किसी प्रकार का कोई अमल नहीं किया गया है।
ओमकार वर्मा ने कहा कि नगरनिगम क्षेत्रफ़ल बढ़ने के बावजूद बजट में कटौती से जनता की जरूरतों के विकास कार्य नहीं हो पाएंगे। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जनहित में बजट को लेकर सुझाव दिए थे, उन पर अमल नही हुआ न ही प्रतिपक्ष पार्टी के जनप्रतिनिधियों से विमर्श हुआ।अच्छा होता सांसद व विधायकों के साथ सार्थक चर्चा के पश्चात निर्णय होते। बढ़ती बेरोजगारी के कारण वैंडर्स की संख्या भी बढ़ रही है, जिनके लिये वैंडर्स जोन, डॉग बाईट के बढ़ते मामले के कारण शैल्टर होम, सड़क किनारे बैठे ख़ानाबदोश लोगों के पुनर्वास व मानसून के पूर्व युद्ध स्तर पर बड़े वर्षा जल निकासी के लिये नालों की सफाई सहित बारिश के मौसम में सड़को पर जनता को जलभराव से छुटकारा जैसे निगम के मूलभूत कार्यो को लेकर कोई कोई विशेष प्रावधान रखे जाते।
अभी ऐसा पहली बार हुआ है कि बजट की प्रति तक पत्रकारों को भी नही उपलब्ध करवाई गई। आनन फानन में इस प्रकार का बजट घोषित करना निगम अधिकारियों की हठधर्मिता र्को इंगित करता है। जोधपुर से जुड़ी हुई मूल समस्याओं को यदि आंशिक बजट के रूप में प्रस्तुत करते और आगामी समय में होने वाले नगर निगम चुनाव के पश्चात इस बजट को निगम के प्रतिनिधि द्वारा आम जनता को दिया जाता तो निश्चित रूप से जोधपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होती। निगम के अधिकारियों को इस बात का तनिक भी आभास नहीं है कि वार्ड में किस प्रकार की समस्याएं हैं और उन समस्याओं का निस्तारण किस प्रकार से किया जाना है। उन्होंने बगैर किसी से सलाह मशविरा दिए इस बजट को घोषित कर दिया। इतिहास में आज तक इस प्रकार का आचरण किसी भी जन प्रतिनिधियों की संस्था द्वारा नहीं किया गया है जो निंदनीय है। कुल मिलाकर अपने बात को जबरदस्ती मनवाने के लिए यह बजट घोषित किया गया है।



