हिंगलाज मंदिर रतासर पर हुआ फागोत्सव का आयोजन
कैलाश बिस्सा. जैसलमेर
श्री ब्रह्मक्षत्रिय खत्री समाज जैसलमेर द्वारा अपनी परंपरा के अनुसार होली स्नेह मिलन का आयोजन रतासर प्रांगण में किया। सभी ने मुह मीठा कर होली का रामा श्यामा कर और उसके बाद गुलाल अबीर से फागोत्सव मनाया गया।
श्री ब्रह्मक्षत्रिय खत्री समाज जैसलमेर की ओर से धुलंडी के दिन मंगलवार 3 मार्च को पारंपरिक फाग गेर खत्री पाड़ा से शुरू हुई। हाथों में चंग लिए होली के गायन और फाग गाते हुए समाज के लोगों ने अपनी परम्पराओं का निर्वाह किया। इस दौरान पारंपरिक गेर सभी समाज के लोगों के घरों के आगे से गुजरी और हर घर के आगे पारंपरिक भजन और फाग गाए गए। लोगों ने घरों से बाहर आकर गेर का आनंद लिया। लोगों ने गेर में शामिल बंधुओ के गुलाल लगाया और मिठाई खिलाई। हिंगलाज मंदिर के आगे माँ हिंगलाज की आरती कर सभी ने एक- दूसरे के गुलाल लगाकर पारंपरिक गैर का समापन हुआ। गेर में खत्री समाज के पदाधिकारी, कमेटी सदस्य, युवाओं, बच्चों, व गैरियो ने मौजूद रहकर होली का उत्साह भर दिया।
गेरिये खेमचंद खत्री ने बताया कि चंग थाप की पुरानी परंपरा को जीवित रखने के लिए समाज के युवा अब आगे आ रहे ओर होली की शान चंग है। विगत वर्षों से चंग के साथ गेर फाग का बीड़ा युवाओं ने उठाया है। उत्साह के साथ युवा गेर फाग गायन कर परिणामस्वरूप लोकस्वर को सजोये हुए है। खत्री समाज जैसलमेर अध्यक्ष सत्यनारायण दड़ा ने गैर में उपस्थित सभी समाज बंधुओं का रंग, उमंग, एकता और सद्भावना के महापर्व पर आभार व्यक्त किया।








