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Wednesday, April 29, 2026, 10:42 pm

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महिला दिवस : मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 62 महिलाओं को मिलेगा निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण

महिलाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ने की पहल : राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम और संबल महिला प्रकोष्ठ का संयुक्त प्रयास, प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने की भी योजना।

दिलीप कुमार पुरोहित. राखी पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

महिलाओं को डिजिटल युग के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत 62 महिलाओं को कंप्यूटर का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीक से जुड़कर रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकें। यह प्रशिक्षण मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना समर्थ स्कीम के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं को डॉमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर का छह माह का कंप्यूटर कोर्स कराया जाएगा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन Rajasthan Skill and Livelihoods Development Corporation और श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के महिला प्रकोष्ठ ‘संबल’ के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

छह माह तक मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण

श्रीमती भंवर कंवर ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत चयनित 62 महिलाओं को छह माह तक कंप्यूटर से संबंधित विभिन्न तकनीकी विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोर्स में मुख्य रूप से डाटा एंट्री, कंप्यूटर संचालन, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन, इंटरनेट उपयोग, ऑफिस सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन कार्य से जुड़ी मूलभूत जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि वे निजी संस्थानों, कार्यालयों और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में काम कर सकें।

पूरी तरह निशुल्क रहेगा प्रशिक्षण

श्रीमती भंवर कंवर ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह निशुल्क होगा। इसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को बिना किसी शुल्क के तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का कहना है कि समाज में कई ऐसी महिलाएं हैं जो पढ़ी-लिखी होने के बावजूद रोजगार के अवसरों से वंचित रह जाती हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें नई दिशा देने का प्रयास है।

प्रशिक्षण पूरा होने पर मिलेगा प्रमाण पत्र

श्रीमती भंवर कंवर के अनुसार कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी प्रतिभागी महिलाओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र उन्हें नौकरी प्राप्त करने में मदद करेगा और उनके कौशल का औपचारिक प्रमाण भी होगा। संस्था की ओर से यह भी प्रयास किया जाएगा कि प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाए ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

8 मार्च को होगा प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन

श्रीमती भंवर कंवर ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को किया जाएगा। कार्यक्रम में विशेष रूप से डॉ. डीआर मेहता उपस्थित रहेंगे, जिनकी प्रेरणा से संस्था देश और विदेश में सेवा कार्यों के लिए जानी जाती है।

कई सामाजिक कार्यकर्ता होंगे मौजूद

श्रीमती भंवर कंवर ने जानकारी दी कि इस अवसर पर कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्ष श्रीमती नीलम मेहता, सचिव श्रीमती सुशीला बोहरा और संस्था के अन्य पदाधिकारी तथा सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को प्रशिक्षण की जानकारी दी जाएगी और उन्हें डिजिटल कौशल के महत्व से भी अवगत कराया जाएगा।

महिलाओं के लिए नई संभावनाएं

बतौर श्रीमती भंवर कंवर आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर का ज्ञान लगभग हर क्षेत्र में आवश्यक हो गया है। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने का माध्यम बनेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महिलाओं को तकनीकी कौशल मिल जाए तो वे घर बैठे भी कई तरह के ऑनलाइन कार्य कर सकती हैं और अपने परिवार की आय में योगदान दे सकती हैं।

आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

आयोजकों का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को केवल शिक्षा ही नहीं देते बल्कि उन्हें आत्मविश्वास भी प्रदान करते हैं। जब महिलाएं तकनीकी रूप से सक्षम होती हैं तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारती हैं बल्कि समाज में भी अपनी पहचान बनाती हैं।

प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएं

  • 62 महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

  • डॉमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर कोर्स

  • प्रशिक्षण अवधि: 6 माह

  • प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क

  • कोर्स पूरा होने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा

  • महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास

पात्रता और उद्देश्य

पात्रता

  • महिला का कम से कम 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक

मुख्य उद्देश्य

  • महिलाओं को डिजिटल कौशल प्रदान करना

  • उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ना

  • आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना

  • समाज में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना

समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम और श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संयुक्त प्रयास से शुरू हो रहा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। यह पहल न केवल महिलाओं को तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगी बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ाएगी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू हो रहा यह प्रशिक्षण शिविर इस बात का प्रतीक है कि जब समाज और संस्थाएं मिलकर काम करती हैं तो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor