(सुनीता शेखावत मानवीय दृष्टिकोण की कवयित्री हैं। आपकी कविताओं में मानव जीवन की उदात्त भावनाओं की अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। हाल ही उन्होंने राजस्थान पर कविता लिखी है जो पाठकों के लिए पेश है। )
म्हारो राजस्थान
म्हारो मरवण राजस्थान
मीठी मायड रौ अभिमान
गौरा – बादल रो सम्मान
पद्मिनी राणी रो स्वभिमान
तपता सूरज रो जयगान
जय जय जय राजस्थान
राणा प्रताप रो प्रणध्यान
सांगा र घावा रो घमाशान
मालदेव रा युद्ध रो स्थान
मां पन्नाथाय रो बलिदान
जय जय जय राजस्थान
जूणी सभ्यतारो निशान
पगड़ी मिनखा की है शान
मुखड़ो घुंघट में है चन्द्रभान
जौहर क्षत्राण्या रो प्रमाण
धरती निपजे मिठौ धान
खावण खण्डा री दुकान
जय जय जय राजस्थान
गिरधर मीरा प्यारा प्राण
मनड़ो मौत्या र है समान
झिलमिल तारां रो जैसाण
म्हारा प्रियतम रो स्थान
जय जय जय राजस्थान
सुनीता शेखावत, ठिकाना हरभा गांव, जैसलमेर।




