भगवान पंवार. जोधपुर
शिवम नाट्यालय की निर्देशिका डॉ. मंजूषा चंद्रभूषण सक्सेना को राजस्थान में भरतनाट्यम को पहचान देने एवं स्थापित करने के साथ साथ भारतीय संस्कृति विरासत की कला को आगे जेनरेशन तक पहुचाने के लिए उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें 29 मार्च को नई दिल्ली स्थित सत्य साई ऑडिटोरियम में आयोजित एक विशेष समारोह में यूनाइटेड अमेरिकन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान किया जाएगा।
डॉ मंजूषा 26 सालों से जोधपुर में भरतनाट्यम नृत्य कला को बालिकाओं को सिखाने में प्रयत्नरत रही हैं। साथ ही उन्होंने भरतनाट्यम की जटिलता को सरल बनाकर जोधपुर में इसे लोकप्रिय बनाया है। करीब 64 बालिकाओं को अरंगेतरम कराया है। 6000 बालिकाओं को अपनी संस्था से डिप्लोमा कराया है। करीब 11 बालिकाओं को निशुल्क नृत्य की शिक्षा प्रदान की है। डॉ मंजूषा ने 2022 में 12 अरंगेतरम करवरकर एवं 2025 में 11 अरंगेतरम करवाकर कला-जगत में रिकॉर्ड कायम किया है। जिसके तहत उनका नाम ‘राजस्थान बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में भी सम्मिलित किया गया है। वर्ष 2023 में उन्हें सर अवधेश प्रताप यूनिवर्सिटी द्वारा मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है। अभी डॉ मंजूषा जोधपुर आईआईटी में बतौर गैस फैकल्टी अपनी सेवाएं दे रही हैं।








