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Friday, April 10, 2026, 3:04 pm

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‘सिज़ोफ़्रेनिक’ से हिंदी साहित्य की उपन्यास विधा समृद्ध हुई है : रंगा

‘सिज़ोफ़्रेनिक’ एक आत्मकथ्यात्मक उपन्यास है : कल्पित

दिलीप कुमार पुरोहित. बीकानेर

न्यू डेमोक्रेटिक राइटर्स गिल्ड बीकानेर एवं बीकानेर साहित्य संस्कृति कला संगम की तरफ से नगर के वरिष्ठ कवि कथाकार एवं आकाशवाणी बीकानेर के पूर्व उद्घोषक प्रमोद कुमार शर्मा के नए उपन्यास सिज़ोफ्रे़निक का लोकार्पण समारोह स्थानीय महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम नागरी भण्डार में कामयाबी के साथ संपन्न हुआ।

कला संगम के संस्थापक अध्यक्ष क़ासिम बीकानेरी ने बताया कि लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता नगर के वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा ने की। रंगा ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि प्रमोद कुमार शर्मा का सिजोफ़्रेनिया नामक बीमारी पर रचा गया यह‌ उपन्यास विश्व के चर्चित उपन्यास द वेजेटेरियन की तरह महत्वपूर्ण है जिससे हिन्दी साहित्य की उपन्यास विधा में नवाचार तो हुआ ही है और‌ इससे हिंदी साहित्य की उपन्यास विधा समृद्ध हुई है ।

मुख्य अतिथि जयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार कृष्ण कल्पित ने कहा कि प्रमोद कुमार शर्मा ने अवसाद में भी रचनात्मकता को बचा रखा है। यह एक आत्मकथ्यात्मक उपन्यास है। ख़ुद को ख़ुद से विलग करके अपने बारे में लिखना बड़ा मुश्किल कार्य है। उपन्यास में लेखक की बेचैनी नज़र आती है। ‌समारोह के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि समालोचक मालचंद तिवाड़ी ने बीज वक्तव्य के रूप में अपनी बात पेश करते हुए कहा कि ट्रेजिक स्थितियों में भी लेखक जीवट का प्रदर्शन करता है जो सराहनीय है। प्रमोद कुमार शर्मा ने तकलीफ़ों को प्रामाणिकता के साथ सामने रखा है जो बहुत कठिन कार्य है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में चूरू के युवा कवि मनमीत सोनी ने कहा कि प्रमोद जी ने जीवटता और तपस्या से उपन्यास लिखा है। यह उपन्यास विधा में नई तरह की सेंध है, जो रोचक है। समारोह की विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए नगर की कवयित्री कथाकार इंजीनियर आशा शर्मा यह उपन्यास आत्मकथा की झलक देता है। उपन्यास में विपरीत परिस्थितियों में लेखक का साहस बख़ूबी सामने आता है। पुस्तक पर पत्रवाचन करते हुए युवा कवि विप्लव व्यास ने कहा कि उपन्यास की कहानी के माध्यम से प्रमोद जी ने सत्य को उकेरने का काम किया है। आयोजक संस्था के वरिष्ठ शाइर कहानीकार क़ासिम बीकानेरी ने इसे एक प्रयोगवादी उपन्यास बताया जिसका कथानक तो रोचक है ही साथ ही पुस्तक की भाषा शैली भी ज़बरदस्त है। उपन्यास के लेखक प्रमोद कुमार शर्मा द्वारा उपन्यास के कुछ अंशों का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया गया। लेखक प्रमोद कुमार शर्मा ने सभी आगंतुको का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उपन्यास लेखन से संबंधित अपने अनुभव साझा किये। प्रमोद कुमार शर्मा ने उपन्यास की प्रति कई साहित्यकारों एवं परिजनों को भेंट की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण कवि कथाकार राजेंद्र जोशी ने प्रस्तुत किया। समारोह का शुभारंभ मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण व अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। आयोजक संस्था द्वारा लेखक प्रमोद कुमार शर्मा का मोतियों की माला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। समारोह में आयोजक संस्थाओं द्वारा बाहर से पधारे सभी मेहमानों को माल्यार्पण, शॉल एवं उपहार भेंट करके सम्मानित किया गया। समारोह में नगर के विभिन्न कला अनुशासनों से जुड़ी हुई अनेक क्षेत्रों की शख़्सियतें बड़ी तादाद में मौजूद थीं। समारोह का सरस संचालन क़ासिम बीकानेरी ने किया। जोधपुर के कवि राजेश मोहता ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor