लेखन प्रतियोगिता से लेकर भजन संध्या तक विविध आयोजनों की श्रृंखला, संस्थापक अर्चना श्रेया को मिला सम्मान
राखी पुरोहित. जोधपुर
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अंतरराष्ट्रीय श्रेया क्लब ने मार्च माह को रचनात्मक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों से भरपूर बनाते हुए एक मिसाल पेश की। पूरे महीने आयोजित विभिन्न ऑनलाइन कार्यक्रमों ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और सहभागिता को भी नई दिशा दी।
अंतरराष्ट्रीय श्रेया क्लब द्वारा मार्च माह में विविध प्रकार के ऑनलाइन कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। क्लब की संस्थापक अर्चना श्रेया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए कई प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें देश-विदेश की अनेक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मार्च महीने की शुरुआत लेखन प्रतियोगिता से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने विचारों, अनुभवों और सृजनात्मकता का परिचय दिया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं में लेखन के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना था। प्रतिभागियों ने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत विषयों पर लेख प्रस्तुत किए, जिन्हें सराहा गया।
इसके बाद गूगल मीट के माध्यम से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भावनाओं की अभिव्यक्ति की। प्रेम, प्रकृति, समाज और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस आयोजन ने साहित्यिक वातावरण को और समृद्ध किया। होली के पावन अवसर पर क्लब द्वारा होली स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में रंगों के त्योहार की खुशियों को ऑनलाइन माध्यम से साझा किया गया। प्रतिभागियों ने होली से जुड़े गीत, कविताएं और अनुभव साझा किए। इस अवसर पर आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
राम नवमी के अवसर पर भी एक विशेष प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। इस कार्यक्रम ने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को उजागर किया तथा युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का कार्य किया।
इसी क्रम में 24 मार्च को भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भक्ति रस की धारा बहती नजर आई। प्रतिभागियों ने भजनों के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण किया। भजन संध्या में प्रस्तुत भजनों ने सभी को भावविभोर कर दिया और एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
इन सभी आयोजनों के दौरान विभिन्न प्रकार के प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए गए, जिससे प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन हुआ। क्लब द्वारा यह पहल प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में सराहनीय मानी जा रही है। कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तत्पर है।
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय सद्भावना मंच की ओर से क्लब की संस्थापक अर्चना श्रेया को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा किए जा रहे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों की सराहना के रूप में दिया गया। इस उपलब्धि पर क्लब के सभी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मीडिया प्रभारी राखी पुरोहित ने बताया कि इन सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने में टीम के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संचालनकर्ता आनंदी सिंह ने कार्यक्रमों का संचालन प्रभावी ढंग से किया। वहीं अध्यक्ष हेमाश्री, सलाहकार दीपमाला शाहू, संरक्षक वन देवी, समीक्षक शिखा पांडेय, पटल प्रभारी विनीता लवानिया, सांस्कृतिक सचिव तनुजा शुक्ला सहित कई सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके अलावा अविनाश खरे, किरण अग्रवाल, संध्या श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, झंवराराम, डॉ. अंबे कुमारी, डॉ. सुमन मेहरोत्रा, मंजूषा दुग्गल, डॉ. पुष्पा जैन, डॉ. संजीदा खानम शाहीन, नीलम व्यास, संतोष तोषनीवाल, राजलक्ष्मी श्रीवास्तव, प्रतिक्षा शर्मा, शिवली गोस्वामी, डॉ. शशिकला अवस्थी, नेहा वार्ष्णेय, शोभा रानी तिवारी और रेखा श्रीवास्तव सहित अनेक सदस्यों ने पूरे महीने आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर उन्हें सफल बनाया।
अंतरराष्ट्रीय श्रेया क्लब की यह पहल न केवल सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है, बल्कि महिलाओं को एक सशक्त मंच भी प्रदान कर रही है। क्लब के माध्यम से महिलाएं अपनी प्रतिभा को निखार रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में योगदान दे रही हैं। मार्च माह में आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सही दिशा और मंच मिले तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रेया क्लब का यह प्रयास आने वाले समय में और भी बड़े स्तर पर प्रभाव छोड़ने वाला साबित हो सकता है।










