नौवें कार्यक्रम में प्रोफ़ेसर हिम्मत सिंह सिन्हा फाउंडेशन की नींव भी रखी गई। जिसमें भारत से डाॅ. जय भगवान सिंगला, दुबई से केबी व्यास, टोक्यो में एदोगावा के भूतपूर्व एमएलए योगेन्द्र पौराणिक और लेक्चरार शान्तनु लश्कर को सदस्य के तौर पर सम्मिलित किया गया।
दिलीप कुमार पुरोहित. टोक्यो (जापान)
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लोटस ब्लूम पब्लिकेशन की ओर से भारत, यूएई, बहरीन, कतर, ओमान, मॉरीशस, सिंगापुर, मलेशिया के बाद प्रोफ़ेसर हिम्मत सिंह सिन्हा की ज्ञान-यात्रा का नौवां पड़ाव 11 अप्रेल को टोक्यो में एदोगावा कल्चरल सेंटर में और 12 अप्रेल को ओसाका के उत्सव मंच द्वारा सफलता पूर्वक आयोजित किया गया।
केबी व्यास ने बताया कि भारत के जोधपुर में अन्तर प्रांतीय कुमार साहित्य परिषद, यूएई में महिला काव्य मंच, बहरीन में महिला काव्य मंच और ख्वाबगाह, कतर में पुनः महिला काव्य मंच और इंडियन कल्चरल सेंटर, ओमान में भारतीय उच्चायुक्त राजस्थानी विंग और महिला काव्य मंच, मारिशस में आर्य समाज, सिंगापुर में भी आर्य समाज और विश्व साहित्य सेवा संस्थान, मलेशिया में कायस्थ मंच इंटरनेशनल और बिहार कल्चरल एसोसिएशन और नौवें कार्यक्रम के लिए टोक्यो में एदोगावा कल्चरल सेंटर व ओसाका में उत्सव मंच इसके सहभागी बने।
नौवें कार्यक्रम में प्रोफ़ेसर हिम्मत सिंह सिन्हा फाउंडेशन की नींव भी रखी गई। जिसमें भारत से डाॅ. जय भगवान सिंगला, दुबई से केबी व्यास, टोक्यो में एदोगावा के भूतपूर्व एमएलए योगेन्द्र पौराणिक और लेक्चरार शान्तनु लश्कर को सदस्य के तौर पर सम्मिलित किया गया। इस कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र से आए डॉ. जय भगवान सिंगला जो कि प्रेरणा वृद्धाश्रम के संस्थापक – संचालक हैं तथा उनकी एक 12 वीं कक्षा तक की स्कूल है और उनकी एक राइस मिल जो हरियाणा की नम्बर एक मिल भी है, उन्होंने प्रो सिन्हा के साथ हुए अपने अनुभव साझा किए। डाॅ. सिंगला प्रो सिन्हा को 43 वर्षों से जानते थे और तकरीबन हर हफ़्ते मिला करते थे।
(इस फोटो में जो बीच में शख्स है वो नेताजी शुभाषचंद्र बोस से मिल चुके हैं। इनके पिताजी ने इन्हें नेताजी की गोद में रखा था। )
व्यास ने बताया कि कार्यक्रम में पद्मश्री तोमिओ मिज़ोकामि भी उपस्थित रहे, जिन्हें शिक्षा एवं साहित्य पर भारत से पद्म श्री मिला है और ओसाका विश्वविद्यालय में हिन्दी भाषा पढ़ाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तोमोका मुशिगा शामिल हुईं। इसके अलावा पांच अन्य लोगों ने रविंद्र संगीत को सम्मिलित रूप से गा कर प्रस्तुत किया। श्रीमती त्सुत्सुई सेंसेई के नेतृत्व में ये सभी पांचो कलाकार मूलतः जापानी थे। नलिनी योशनिवाल ने भी प्रोफेसर हिम्मत सिंह सिन्हा के बारे में अपना अनुभव बताया कि जापान में जब ओसाका में ही कार्यक्रम होने वाला था तो उन्होंने प्रो सिन्हा के वीडियो देखे, और सबसे पहला वीडियो भारतीय दर्शन और पाश्चात्य दर्शन पर था। ये इतना अच्छा वीडियो था जिसने इनकी इतने दिनों की उलझन सुलझा दी। बाद में उन्होंने विस्तार से दोनों दर्शन का अन्तर बताया।
इसके अलावा इस कार्यक्रम में श्रीमती मीनाक्षी गोयल नायर ने, श्री दीनदयाल सनोडिया का कविता-पाठ हुआ और आदित्य द्वारा हिम्मत सिंह सिन्हा के बारे में वक्तव्य भी साझा किया गया। उत्सवमंच के प्रेसिडेंट कुमार अभिजीत और डॉ राजीव कुमार वर्मा जी ने कार्यक्रम को व्यवस्थित किया। ओसाका और कोबे से भारतीय और जापानी समुदाय कार्यक्रम में शामिल हुए। संचालन डॉ वेदप्रकाश सिंह ने किया ।












