राइजिंग भास्कर. जोधपुर
पुष्करणा सृजन सोसायटी एवं पुष्करणा चिंतन के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला का शनिवार को भूतनाथ महादेव मंदिर परिसर में शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में पहले दिन 15 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर फोटोग्राफी की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक ख्यातनाम छायाकार मनोज बोहरा ने कहा कि वर्तमान दौर में कैमरे से अधिक महत्व कैमरे के पीछे रहने वाले व्यक्ति का है। उन्होंने कहा कि हर छायाकार अपनी दृष्टि और सोच के माध्यम से तस्वीरों में नया सृजन करता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल कैमरों और फोटो एडिटिंग तकनीकों के बढ़ते उपयोग के बावजूद बेहतर छायाचित्र के लिए लाइट, एंगल और कम्पोजिशन का संतुलन सबसे अधिक आवश्यक है।
सह-प्रशिक्षक अमित व्यास ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आपकी आंख ही वास्तविक कैमरा है, उसी से आपको आकृतियों और दृश्य सौंदर्य को पहचानना सीखना होता है।”
कार्यशाला संयोजक रामजी व्यास ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिभागियों को कैमरा तकनीक, लाइटिंग, एंगल, कम्पोजिशन तथा डे-लाइट में स्टूडियो इफेक्ट प्राप्त करने के विशेष टिप्स दिए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 10 मई को डे-लाइट में स्टूडियो इफेक्ट फोटोग्राफी एवं विपरीत प्रकाश में फोटोग्राफी पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। वहीं 11 मई को मसूरिया पहाड़ी पर सूर्योदय फोटोग्राफी का व्यावहारिक प्रशिक्षण होगा। 12 मई को जोधपुर स्थापना दिवस के अवसर पर घंटाघर से ब्लू सिटी तक विशेष फोटो वॉक आयोजित की जाएगी। कार्यशाला के अंतिम दिन 13 मई को प्रतिभागियों द्वारा खींची गई तस्वीरों की प्रदर्शनी भूतनाथ महादेव मंदिर में लगाई जाएगी।
सोसायटी अध्यक्ष आनंदराज व्यास ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं युवाओं में फोटोग्राफी के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करती हैं। शिविर में ज्ञानेंद्र व्यास ,महेन्द्र पुरोहित ने सहयोग किया।



